सप्ताह में एक दिन बीमार पत्नी से मिल पाएंगे मनीष सिसोदिया, कोर्ट ने दी इजाजत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 05 Feb 2024 3:56 PM

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दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने सिसोदिया को सप्ताह में एक दिन अपनी बीमार पत्नी से मिलने का समय दे दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अगले आदेश तक यह व्यवस्था जारी रहेगी.

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Manish Sisodia News: दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सोसिदिया के राहत भरी खबर है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की कस्टडी पैरोल में सप्ताह में एक दिन अपनी बीमार पत्नी से मिलने की इजाजत दी है. इस दौरान डॉक्टर भी उनसे मिलेंगे. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी. वहीं, कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत पर सुनवाई 12 फरवरी को मुकर्रर की है.

सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट में दी जल्दी सुनवाई की अर्जी
मनीष सिसोदिया ने कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार और धन शोधन के मामले में 2023 में उन्हें जमानत देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी दो उपचारात्मक याचिकाओं पर जल्द सुनवाई करने की अर्जी दी है.

एक साल से जेल में बंद हैं सिसोदिया
सिसोदिया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधान न्यायाधीश  जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़,  जस्टिस जेबी पारदीवाला और  जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ को बताया कि वे बीते एक साल से जेल में बंद हैं. उन्होंने अपनी याचिकाओं को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया है. वहीं सिसोदिया की अर्जी पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि वो पहले ही याचिकाओं को सूचीबद्ध करने का निर्देश दे चुके हैं.

लंबे समय से बीमार हैं सिसोदिया की पत्नी
बता दें मनी लॉन्ड्रिंग केस में मनीष सिसोदिया बीते करीब एक साल से तिहाड़ जेल में बंद हैं. उनकी पत्नी लंबे समय से बीमार हैं. जिसकी देखरेख के लिए सिसोदिया ने नियमित जमानत की मांग की है. हालांकि कोर्ट ने इससे पहले भी उन्हें पत्नी से मिलने के लिए एक दिन की जमानत दी है. वहीं सिसोदिया दो दिनों के पैरोल की मांग की है. इसके अलावा उन्होंने नियमित जमानत की अर्जी भी दी है. उनकी याचिका पर सुनवाई 12 फरवरी को होगी.

कोर्ट ने कही यह बात
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिसंबर 2023 को कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार और धन शोधन मामलों में सिसोदिया की जमानत याचिकाओं को खारिज करने के 30 अक्टूबर के फैसले की समीक्षा का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत ने यह कहते हुए सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था कि जांच एजेंसियों की ओर से दाखिल सबूत 338 करोड़ रुपये के अप्रत्याशित लाभ की की बात का समर्थन करते प्रतीत होते हैं. बता दें, घोटाले में उनकी कथित भूमिका के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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