ePaper

कोरोना की तीसरी लहर में दिल्ली में एक दिन में आ सकते हैं 45000 मामले, IIT की रिपोर्ट में किया गया दावा

Updated at : 31 May 2021 11:30 AM (IST)
विज्ञापन
कोरोना की तीसरी लहर में दिल्ली में एक दिन में आ सकते हैं 45000 मामले, IIT की रिपोर्ट में किया गया दावा

Ghaziabad: A COVID-19 positive child receives free oxygen provided by a Sikh organization, as coronavirus cases surge in record numbers across the country, at Indirapuram, Ghaziabad, Wednesday, May 5, 2021. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI05_05_2021_000083B)

नयी दिल्ली : दिल्ली में कोरोना (Coronavirus) की दूसरी लहर पर लगभग काबू पा लिया गया है. एक समय अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन (Oxygen) की किल्लत झेल रही दिल्ली के कई अस्पतालों में अब कोरोना मरीजों के लिए बेड खाली हैं. अस्पताल के बाहर लोगों का दम तोड़ना अभी भी कोई नहीं भूला होगा. इस बीच आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना की तीसरी लहर में दिल्ली में एक दिन में 45000 तक पॉजिटिव केस सामने आ सकते हैं.

विज्ञापन

नयी दिल्ली : दिल्ली में कोरोना (Coronavirus) की दूसरी लहर पर लगभग काबू पा लिया गया है. एक समय अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन (Oxygen) की किल्लत झेल रही दिल्ली के कई अस्पतालों में अब कोरोना मरीजों के लिए बेड खाली हैं. अस्पताल के बाहर लोगों का दम तोड़ना अभी भी कोई नहीं भूला होगा. इस बीच आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना की तीसरी लहर में दिल्ली में एक दिन में 45000 तक पॉजिटिव केस सामने आ सकते हैं.

रिपोर्ट में दिल्ली सरकार को कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी दी गयी है. कहा गया है कि 45 हजार नये मामलों के कारण हर दिन करीब 9000 लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है. इस रिपोर्ट में तीन चीजों का जिक्र किया गया है. पहला रोगियों की संख्या, दूसरा अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या और तीसरी ऑक्सीजन की जरूरतों की संख्या.

आईआईटी दिल्ली ने अपनी यह रिपोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की है. कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने पहले ही भविष्यवाणी की है कि तीसरी लहर बच्चों पर हमला कर सकती है. यह पूरे देश को अराजकता की स्थिति में खींच सकती है. इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए कई राज्यों ने अपना यहां बच्चों के लिए आईसीयू बेड की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है. वहीं कुछ राज्यों ने छोटे बच्चों के अभिभावकों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाना शुरू कर दिया है.

Also Read: दिल्ली 31 मई से होगी अनलाॅक, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा-पहले गरीबों को राहत, फिर आगे होगा निर्णय

इसी प्रकार महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल बाल चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. गहन देखभाल इकाइयां (पीआईसीयू), नवजात गहन देखभाल इकाइयां (एनआईसीयू), और बीमार नवजात देखभाल इकाइयां (एसएनसीयू) की व्यवस्था बढ़ायी जा रही है. जिस प्रकार दूसरे लहर ने देश की चिकित्सा ढांचे को धराशायी कर दिया, अब तीसरे लहर की तैयारियों में सरकारें लग गयी हैं.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 12 साल तक के बच्चों के अभिभावकों को टीका लगवाने के लिए टीकाकरण केंद्रों पर अभिभावक बूथ का निर्माण कराया है, जहां प्राथमिकता के आधार पर ऐसे अभिभावकों का टीकाकरण किया जायेगा, जिनके बच्चे 12 साल या उससे छोटे हैं. गोवा सरकार ने स्तनपान कराने वाली महिलाओं के टीकाकरण की योजना तैयार की है. झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने प्रदेश के बच्चों को फ्लू का टीका दिलवाने की रूपरेख तय की है.

दिल्ली में रविवार को आए 946 नये मामले, 78 लोगों की मौत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को कोरोनावायरस संक्रमण के 946 नये मामले दर्ज किये गये. वहीं इस वायरस के संक्रमण से 78 और लोगों की मौत हो गयी है. पिछले 45 दिन में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक दिन में मरने वालों की संख्या 100 से कम है. इस संक्रमण से दिल्ली में अब तक 24,151 लोगों की मौत हो गयी है. यहां एक्टिव मरीजों की संख्या 12,100 है. एक्टिव केस में शामिल लोग 5300 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं जबकि 5,817 मरीज घर पर ही रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं.

Posted By: Amlesh Nandan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola