कोरोना को काबू करने की कवायद, जल्द आएगी इसकी दवा, अभी सावधानी ही बचाव

Updated at : 19 Mar 2020 1:38 AM (IST)
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कोरोना को काबू करने की कवायद,  जल्द आएगी इसकी दवा, अभी सावधानी ही बचाव

कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए दुनिया भर में प्रयास जारी हैं. चीन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस व रूस समेत कई देश टीके पर काम कर रहे हैं. अमेरिका में तो इसका परीक्षण भी शुरू हो गया है. उम्मीद है कुछ दिनों में वैज्ञानिकों की कोशिशें रंग लायेंगी और इस वायरस की दवा जल्द उपलब्ध होगी.

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नयी दिल्ली : कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए दुनिया भर में प्रयास जारी हैं. चीन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस व रूस समेत कई देश टीके पर काम कर रहे हैं. अमेरिका में तो इसका परीक्षण भी शुरू हो गया है. उम्मीद है कुछ दिनों में वैज्ञानिकों की कोशिशें रंग लायेंगी और इस वायरस की दवा जल्द उपलब्ध होगी. तब तक इस वायरस से बचने के लिए एहतियात ही उपचार है. उधर, चीन ने दावा किया है कि पीड़ित मरीजों के उपचार में फैविपिरावीर नाम की दवा प्रभावी है. इसका क्लीनिकल शोध पूरा कर लिया गया है. इस वायरस से बचाव के लिए भारत सरकार लगातार कदम उठा रही है. सरकार तमाम वह उपाय कर रही है, जिससे इस वायरस पर काबू पाया जाए.

यही वजह है कि देश में इसका फैलाव अन्य बड़े देशों की अपेक्षा फिलहाल काफी धीमा है. इधर, दुनिया में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है. भारत को छोड़ कर दक्षिण एशिया के कई देशों की हालत गंभीर हो गयी है. खास कर पाकिस्तान में तो स्थिति विस्फोटक हो गयी है, वहांं अब तक 286 मामले सामने आ चुके हैं. यहां संक्रमित लोगों की संख्या में तीन गुना की वृद्धि हुई है. इनमें अधिकतर मामले ईरान से आ रहे जायरीनों से संबंधित हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि हालात नहीं सुधरे, तो पाकिस्तान दक्षिण-एशिया का वुहान बन सकता है. इधर भारत में बुधवार तक 152 मामले सामने आये. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण-पूर्वी एशिया के अपने 11 सदस्य देशों से कोरोना से निबटने के लिए प्रयास तेज करने का आग्रह किया है.

सख्ती : साबुन, थर्मल स्कैनर व डिटॉल पर नजर

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि सरकार साबुन, फर्श और हाथ की सफाई वाले क्लीनर व थर्मल स्कैनर जैसी वस्तुओं के दामों पर नजर रख रही है. इन्हें भी आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लाया जा सकता है. राशन की दुकानों से सस्ता अनाज पाने के हकदार लोगों को छह माह का राशन एक साथ उठाने की छूट दी जायेगी.

सुप्रीम कोर्ट चिंतित : हम वायरस से नहीं लड़ सकते

देश में तेजी से फैल रहे वायरस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जतायी है. सुप्रीम कोर्ट जस्टिस अरुण मिश्रा ने इसपर चिंता जताते हुए कहा कि हर 100 साल में इस तरह की महामारी फैलती है. जस्टिस मिश्रा ने कहा कि इंसान की हैसियत इन वायरस के सामने बौना पड़ जाती है. आप हथियार तो बना सकते हैं, लेकिन इन जानलेवा वायरस से नहीं लड़ सकते हैं.

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सीबीएसइ और जेईई सहित सभी परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित

नयी िदल्ली. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बुधवार को सीबीएसइ और देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिया कि कोरोना वायरस के मद्देनजर सभी परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित कर दी जाएं. मंत्रालय में सचिव अमित खरे ने कहा कि शैक्षिक सत्र और परीक्षा कार्यक्रम बनाये रखना जरूरी है, लेकिन छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.

इसके साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने आइआइटी व इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा ‘जेईई’ टाल दी है. बोर्ड के कार्यक्रम व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार जेईई के लिए नयी तिथि पर निर्णय लिया जायेगा. मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर कहा कि छात्रों की सेहत का ध्यान रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. मैं सभी छात्रों से अनुरोध करता हूं कि वह स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवायजरी का जरूर पालन करें.

51 साल में पहली बार मेनरोड में नहीं निकलेगी सरहुल शोभायात्रा

रांची. कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए 51 साल में पहली बार इस साल मेन रोड में 27 मार्च को सरहुल शोभायात्रा नहीं निकालने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. हातमा में केंद्रीय सरना समिति सहित कई आदिवासी संगठनों की बुधवार को हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया.

यह शोभायात्रा वर्ष 1969 से लगातार हर चैत शुक्ल पक्ष तृतीय को निकाली जा रही है. पहली बार इसे स्थगित किया जा रहा है़ केंद्रीय सरना समिति की बैठक में मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने कहा कि सभी अपने-अपने गांव के सरना स्थल में पाहन द्वारा करायी जा रही पूजा में शामिल होकर गांव से अखड़ा तक शोभायात्रा निकालें और पर्व का उत्सव मनाये़ं यह आदिवासी समाज अौर राज्य के हित में होगा़ उन्हाेंने बताया कि यह शोभायात्रा 1969 से लगातार निकाली जा रही है. पहली बार इसे स्थगित किया जा रहा है़

ये संगठन थे शामिल : बैठक में आदिवासी जन परिषद् के अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा, आदिवासी लोहरा समाज के अध्यक्ष अभय भुटकुंवर, जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक संदीप उरांव, मेघा उरांव व अन्य शामिल थे़

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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