नौकरी करने गए बिहार के सात युवक जॉर्डन में फंसे, भारत सरकार से वतन वापसी के लिए लगा रहे गुहार

Updated at : 05 Jan 2024 4:19 PM (IST)
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नौकरी करने गए बिहार के सात युवक जॉर्डन में फंसे, भारत सरकार से वतन वापसी के लिए लगा रहे गुहार

सीतामढ़ी के सात कामगार जॉर्डन में बुरी तरह फंस गये हैं. सभी ने वीडियो बनाकर भारत सरकार से वतन वापसी की गुहार लगायी है. बताया गया कि भारतीय लोगों ने दूतावास से भी संपर्क किया था, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका.

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सीतामढ़ी. अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए पैसा कमाने विदेश गए सीतामढ़ी जिले के सात लोग मध्य पूर्व देश जॉर्डन में बुरी तरह फंस गए हैं. इनमें सुप्पी के चार व बथनाहा का एक व्यक्ति शामिल है. बथनाहा गांव के चौधरी टोला निवासी चुलहाई बैठा के 28 वर्षीय पुत्र जुनैद बैठा ने व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए बताया कि वो 28 अगस्त 2021 को काम करने के लिए जॉर्डन आया था, लेकिन डेढ़ महीने पहले कंपनी बंद हो गयी. तीन महीने का वेतन व भत्ता भी नहीं मिल रहा है. पैसा नहीं होने के कारण वतन भी नहीं लौट पा रहा है.

जुनैद ने बताया कि उसके साथ कंपनी में काम करने वाले 120 अन्य भारतीयों के अलावा नेपाल के भी दर्जनों लोग फंसे हैं. दर्जनों बंगाली लोग भी हैं. सभी ने वीडियो बनाकर भारत सरकार से वेतन भुगतान व भारत लाने की गुहार लगायी है. बताया गया कि भारतीय लोगों ने दूतावास से भी संपर्क किया था, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका. वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पीड़ित परिजनों द्वारा लिखित आवेदन मिलने पर इस मामले में पहल की जाएगी.

क्या कहते हैं जुनैद के परिजन

जुनैद के परिवार वालों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जब उसे काम नहीं मिला तो वह 2021 में जॉर्डन चला गया. जहां से वह हर महीने पैसे भेजा करता था. लेकिन पिछले तीन महीने से उसने न तो पैसे भेजे हैं और न ही घर लौटा है. बताया गया कि जुनैद जिस कंपनी में काम करता था वह कंपनी बंद हो चुकी है और उसका वर्क परमिट भी खत्म हो चुका है. जिसके कारण उन्हें किसी दूसरी कंपनी में काम भी नहीं मिल रहा है. परमिट नहीं होने के कारण पुलिस भी परेशान कर रही है. जिस कंपनी में वह काम कर रहा था उसने परमिट नवीनीकरण का आश्वासन दिया था. लेकिन, इसी बीच कंपनी बंद हो गयी.

वीजा व पासपोर्ट भी जब्त

इधर, सुप्पी के चार युवकों ने परिजनों को बताया कि कंपनी बंद होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी द्वारा वीजा व पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है. कंपनी परिसर से बाहर जाने के लिए जारी किया जाने वाला पास भी निर्गत नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते कामगार कैद होकर रह गये हैं. खाने-पीने और बाहर निकलने में परेशानी हो रही है.

डीएम व सांसद से पहल करने की करेंगे मांग

बभनगामा रामनगरा पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार ने बताया कि डीएम को अवगत कराकर जल्द फंसे कामगारों की वतन वापसी के लिए प्रयास करने का अनुरोध करेंगे. ससौला पंचायत के मुखिया व भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि वे इस संबंध में सांसद रामा देवी को अवगत कराकर उनसे विदेश मंत्रालय से संबंध स्थापित कर युवकों की वतन वापसी कराने का अनुरोध करेंगे.

क्या कहते हैं अधिकारी

सीतामढ़ी के श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार ने इस विषय में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मामला है. दिल्ली से ही यह मामला सुलझ सकता है. पीड़ित परिवारों की ओर से यदि लिखित शिकायत मिलती है, तो उसके आधार पर हम लोग दिल्ली स्थित बिहार भवन में लेबर कमिश्नर को इसकी जानकारी देंगे. लेबर कमिश्नर के स्तर से नियम अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

लिखित आवेदन मिलने पर कार्रवाई

सदर एसडीओ प्रशांत कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार इस मामले में प्रशासन को लिखित आवेदन दें तो उचित माध्यम से कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी.

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