हम डरने वाले नहीं, जनता हिसाब करेगी, रघुवर दास का दावा- लाठीचार्ज राज्य प्रायोजित हिंसा​​​​

Updated at : 15 Jul 2023 4:14 PM (IST)
विज्ञापन
हम डरने वाले नहीं, जनता हिसाब करेगी, रघुवर दास का दावा- लाठीचार्ज राज्य प्रायोजित हिंसा​​​​

जांच टीम को जितनी जानकारी मिली, उसके आधार पर हम कह सकते हैं कि ये राज्य प्रायोजित हिंसा है. सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने क्रूरता पूर्वक लाठी चार्ज करवाया. हम मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हैं.

विज्ञापन

पटना. 13 जुलाई को बीजेपी नेताओं पर हुए लाठीचार्ज की जांच करने पहुंची टीम ने इसे राज्य प्रायोजित हिंसा करार दिया है. टीम के संयोजक रघुवर दास ने कहा कि बिहार की सरकार ने रैली को कुचलने का काम किया है. पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में रघुवर दास ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने लाठीचार्ज को गंभीरता से लिया है. हमने मौके पर जाकर लोगों से बात की है. हमारे एक हजार कार्यकर्ताओं को चोट लगी। इनमें से 300 को गंभीर चोटें आई है. जांच टीम को जितनी जानकारी मिली, उसके आधार पर हम कह सकते हैं कि ये राज्य प्रायोजित हिंसा है. सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने क्रूरता पूर्वक लाठी चार्ज करवाया. हम मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हैं. भाजपा के नेता जनहित के मुद्दे पर शांति मार्च निकाल रहे थे. सरकार ने सोची-समझी साजिश के तहत मारपीट की. ये बहुत गलत है. सरकार का व्यवहार बहुत खराब है. आंसू गैस में मिर्चा पाउडर देकर छिड़का गया.

जांच टीम के लोग तथ्यों की कर रहे हैं पड़ताल

पटना में भाजपा नेता पर लाठीचार्ज और विजय सिंह की मौत की जांच पर बोलते हुए रघुवर दास ने कहा कि कहा कि बिहार की सरकार ने जनांदोलन को कुचलने का काम किया. भाजपा की राष्ट्रीय कमेटी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. रघुवर दास ने कहा कि आज सुबह 10 बजे से ही विभिन्न स्थलों पर जाकर जांच टीम के लोग तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं. इसके अलावा 200 घायल कार्यकर्ताओं से जानकारी ली जा रही है. रघुवर दास ने कहा कि बिहार सरकार की ओर से शिक्षक अभ्यर्थी, किसान सलाहकार सहित अन्य आंदोलनकारियों पर लगातार लाठीचार्ज किया जा रहा है.

प्रशासन के दावे सच से दूर

भाजपा के शांतिपूर्ण मार्च पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया. विधानसभा मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज से 1000 से ज्यादा लोगों को चोटें लगी है. इनमें 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आयीं हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन के दावे सच से दूर हैं. 13 जुलाई के मार्च के लिए आवेदन दिया, तो जिला प्रशासन ने रूट चार्ट मांगा. तब जिला प्रशासन ने किसी तरह की रोक लगाने की बात नहीं कही थी. डाकबंगला तक हमारे कार्यकर्ता पहुंचे ही नहीं थे कि पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठी चार्ज करना शुरू कर दिया.

लाठीचार्ज के दौरान पुलिस मैन्यूअल का ख्याल नहीं रखा गया

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले की न्यायिक जांच चाहती है. सीएम नीतीश कुमार से आग्रह करता हूं कि इसे प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाये और इसकी न्यायिक जांच करायें. रघुवर दास ने कहा कि जब बंगाल और केरल में हमारे कार्यकर्ता डरा नहीं, तो बिहार सरकार की औकात क्या है? चेतावनी देना चाहता हूं कि 24 घंटे के अंदर न्यायिक जांच का आदेश नहीं दिया गया तो यह मामला जनता की अदालत में जायेगा. रघुवर दास ने कहा कि लाठीचार्ज के दौरान पुलिस मैन्यूअल का ख्याल नहीं रखा गया है. भाजपा नेताओं के कमर के ऊपर लाठियां मारी गयी हैं. उनके कंधे और सिर पर चोटें लगीं हैं. नियमत: किसी भी प्रदर्शन पर कमर के नीचे लाठी मारा जाता है.

एक-एक कार्यकर्ता पर बीस बीस पुलिसकर्मी लगे थे

जांच दल के सदस्य बीडी राम ने कहा कि मैं डीजीपी रहा हूं. एक-एक कार्यकर्ता पर बीस बीस पुलिसकर्मी लगे थे. हमने पिटाई की तस्वीर और वीडियो देखी है. ये राजनैतिक दल के प्रदर्शनकारी थे, इनके साथ अपराधी की तरह सलूक हुआ है. पटना पुलिस को आत्ममंथन करना चाहिए. पूर्व डीजीपी ने कहा कि महिलाओं के साथ नीतीश कुमार सरकार की बर्बरता की है. कमर के ऊपर, छाती, माथा पर लाठी बरसाई गयी है. महिलाओं की छाती पर रायफल के कुंदों से प्रहार किया गया है. भाजपा ने इसको गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि जालियां वाला बाग की तरह यह घटना है. उन्होंने कहा कि भाजपा में महिलाओं का सबसे ज्यादा सम्मान मिला है. सबसे ज्यादा महिला मंत्री मोदी की सरकार में बनी है.

महिलाओं की पिटाई अमानवीय

दल की अन्य सदस्य सुनीता दुग्गल ने कहा कि महिलाओं की पिटाई अमानवीय थी. सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि भाजपा नेता की पिटाई जेपी आन्दोलन के समय की याद दिलाता है. जो हुआ वो पूरी तरह सुनियोजित लग रहा है. पहले से पूरी तैयारी थी कि कैसे भाजपा के नेताओं को मारना है, या कहे कि हत्या तक करने की साजिश थी. उन्होंने कहा कि 771 लोग घायलों को सीधे-सीधे कमर के ऊपर या सिर पर लाठी मारा गया है. हमें डाउट है कि ये सिर्फ पुलिस के लोग ही नहीं कुछ गुंडों को लगाया गया था. लाठी चार्ज पहले फिर आंसू गैस फिर वाटर चार्ज यह बताता है कि यह पूर्व नियोजित था. मनोज तिवारी ने कहा कि घायल को अस्पताल भर्ती होने तक मारा गया है. विजय सिंह की मौत की जांच के बिना फाइनल रिपोर्ट सरकार ने दिया था. भाजपा मानवाधिकार में यह मामला दर्ज करायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन