बारिश का मौसम बीमारियों का घर

Updated at : 13 Sep 2016 1:29 AM (IST)
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बारिश का मौसम बीमारियों का घर

परेशानी. वार्म इन्फेक्शन और चर्म रोग से पीड़ित पहुंच रहे अस्पताल हाजीपुर : बाढ़ और बरसात के कारण कई तरह की बीमारियां दस्तक देने लगी हैं. इन दिनों वार्म इन्फेक्शन और चर्म रोग जैसे रोगों से पीड़ित होकर बड़ी संख्या में लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं. सदर असपताल में आने वाले मरीजों में […]

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परेशानी. वार्म इन्फेक्शन और चर्म रोग से पीड़ित पहुंच रहे अस्पताल

हाजीपुर : बाढ़ और बरसात के कारण कई तरह की बीमारियां दस्तक देने लगी हैं. इन दिनों वार्म इन्फेक्शन और चर्म रोग जैसे रोगों से पीड़ित होकर बड़ी संख्या में लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं. सदर असपताल में आने वाले मरीजों में ज्यादातर ऐसे मरीज हैं, जो बारिश की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं.
चिकित्सकों के अनुसार प्रदूषित पेयजल के कारण भी लोग बीमार हो रहे हैं. डायरिया, डिसेंटरी, चर्मरोग, पीलिया, टायफायड, गैसट्रोइंट्रोटाइटिस की तरह के रोगों का शिकार होकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ यूपी वर्मा ने बताया कि रिहायशी इलाकों में बाढ़ और वर्षा का पानी जैसे-जैसे सूखेगा, कड़ी धूप और सड़न के कारण बीमारियों के वायरस का बढ़ना तय है. ऐसी स्थिति में लोगों को खान-पान से लेकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है.
बच्चे हो रहे हैं ज्यादा प्रभावित : बरसात के कारण घरों के आसपास जलजमाव, गंदगी, मच्छरों के प्रकोप के बढ़ने तथा दूषित पानी के चलते बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं. सदर अस्पताल के ओपीडी के शिशु रोग विभाग में एक माह के अंदर लगभग तीन हजार बच्चों का इलाज हुआ. प्रतिदिन औसत दो सौ बच्चों को इलाज के लिए लाया जा रहा है. शिशु रोग चिकित्सक ने बताया कि इनमें अधिकतर बच्चें जलजनित बीमारी, पेट संबंधी तकलीफ, हेपेटाइटिस ए, टाइफयड एवं वार्म इंफेक्शन से पीड़ित मिले.
बीते एक पखवारे में चार हजार से अधिक चर्म रोगियों का किया गया इलाज
चर्म रोग विभाग में मरीजों की भीड़
सदर अस्पताल के चर्म रोग विभाग में इन दिनों हर रोज मरीजों की भीड़ जुट रही है. गुरुवार को 350 से अधिक मरीज इलाज को पहुंचे. बीते एक पखवारे में यहां चार हजार से अधिक चर्म रोगियों का इलाज किया गया. चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ पाटल वर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में चर्म रोग की शिकायत बढ़ जाती है. ज्यादातर मरीजों में टीनिया, खुजली, एग्जिमा आदि की शिकायत पायी जा रही है. अस्पताल के आकस्मिक विभाग में डायारिया से आक्रांत होकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ गयी हैं. इमरजेंसी में हर रोज 8 से 10 डायरिया के मरीज आ रहे हैं.
बीमारियों से बचाव के लिए चिकित्सकों की सलाह
घर के आसपास सफाई रखें और जलजमाव न होने दें.
दूषित पानी का प्रयोग न करें, साफ पानी पीयें, यदि वह उपलब्ध न हो तो पानी का उबाल कर पीएं.
बासी खाना नहीं खाएं. बाजार में खुले में रखी खाने-पीने की चीजों से परहेज करें.
घर के इर्द-गिर्द समय-समय पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करें.
सोने के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें. बच्चों को बिना मच्छरदानी के न सुलायेंं.
सड़ी-गली चीजों को आसपास जमा नहीं होने दें.
उल्टी चक्कर, दस्त, जाड़ा-बुखार, दर्द आदि की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें.
क्या कहते हैं अधिकारी
बरसात और बाढ़ के कारण फैलने वाली बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है. सदर अस्पताल से लेकर पीएचसी तक इलाज की समुचित व्यवस्था है. सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं. दवाओं की कमी नहीं होने दी जायेगी.
डॉ इंद्र देव रंजन,सिविल सर्जन
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