चैती देवी की मौत भूख से ही हुई : जांच टीम
Updated at : 30 Jan 2016 8:08 AM (IST)
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लालगंज : प्रखंड क्षेत्र की पुरखौली पंचायत के समसपुरा महादलित टोले में पिछले मंगलवार की रात्रि भूख से हुई चैती देवी की मौत मामले की जांच के लिए शुक्रवार को एडवाइजर टू कमिश्नर ऑफ दी सुप्रीम कोर्ट रूपेश कुमार द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच टीम समसपुरा गांव पहुंची. एडवाइजर ऑफ दी सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिनियुक्त […]
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लालगंज : प्रखंड क्षेत्र की पुरखौली पंचायत के समसपुरा महादलित टोले में पिछले मंगलवार की रात्रि भूख से हुई चैती देवी की मौत मामले की जांच के लिए शुक्रवार को एडवाइजर टू कमिश्नर ऑफ दी सुप्रीम कोर्ट रूपेश कुमार द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच टीम समसपुरा गांव पहुंची.
एडवाइजर ऑफ दी सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिनियुक्त जांच टीम के सदस्य प्रभाकर कुमार एवं रितवीज कुमार ने घटनास्थल पर पहुंच कर मृतका चैती देवी के पुत्र मंजय कुमार, उसके भाई बबलू, मौसेरे भाई देव मांझी, देव मांझी की पत्नी रेखा देवी एवं अन्य ग्रामीणों से महिला की मौत की जानकारी ली. इस दौरान लोगों ने कहा कि चैती देवी पहले से बीमार थी. इसके कारण उसने कुछ काम नहीं किया था, जिससे कारण वह अनाज नहीं खरीद पायी और खाने के बिना उसकी मौत हो गयी. लोगों ने बताया कि उसके पास राशन कार्ड नहीं था, जिसके चलते उसे राशन भी नहीं मिलता था.
आंगनबाड़ी केंद्र जांच में मिली गड़बड़ी : इसके बाद जांच टीम के सदस्यों ने स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 180 पर जाकर जांच की. इस दौरान केंद्र पर स्थानीय सीडीपीओ प्रीति पटेल, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी मौजूद थीं. टीम के सदस्यों ने पोषाहार वितरण का जांच की एवं लाभुक महिलाओं और बच्चों के परिजनों से पोषाहार वितरण की जानकारी ली. जांच के क्रम में सेविका सरिता कुमारी की गड़बड़ी पकड़ी गयी.
राशन कार्डों को डीलर रखते हैं अपने पास : बाद में टीम सदस्यों ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय समसपुरा में जाकर एमडीएम की जांच की, जहां बच्चों एवं उसके अभिभावकों ने एमडीएम सही-सही मिलने की बात कहीं.
स्थानीय लोगों से राशन वितरण पर पूछताछ की, जहां लोगों ने जन वितरण प्रणाली दुकानदार द्वारा कई-कई महीने पर राशन देने एवं एक महीना का राशन देकर कार्ड पर दो-तीन महीना का चढ़ा देने, लोगों के साथ अशब्दों का प्रयोग करने तथा डीलर द्वारा जबरन खुद के पास राशन कार्ड जब्त कर रखने की शिकायत की. राशन कार्ड डीलर द्वारा रखने की शिकायत पर जांच टीम सदस्य ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी भोला गिरि को मौके पर डांट पिलायी एवं जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
वहीं दर्जनों लोगों ने राशन कार्ड नहीं बनने की शिकायत की. जिस पर जांच टीम के सदस्यों ने बीडीओ, एमओ एवं मुखिया कृष्ण मोहन महतो से पूछताछ की.
बीडीओ-एमओ को नहीं थी शताब्दी अन्न कलश योजना की जानकारी : इस दौरान पंचायत के मुखिया ने बताया कि वर्तमान में आठ सौ परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के राशन से वंचित हैं. मौके पर उपस्थित बीडीओ से जांच टीम के सदस्यों ने शताब्दी अन्न कलश योजना अंतर्गत पांच क्विंटल अनाज, डीलर के पास प्रत्येक पंचायत में रखने के विषय में जानकारी मांगी, तो बीडीओ ने योजना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया.
दोनों डीलर अपनी दुकानें बंद कर हो गये गायब : महादलित टोले से संबंधित दो डीलरों वीरेंद्र सिंह एवं जगन्नाथ भगत की जनवितरण प्रणाली दुकानों की जांच करने पहुंचे जहां दोनों दुकानदार नहीं मिले. दुकानें बंद पायी गयीं. इस पर टीम के सदस्यों ने एतराज जताया. जनवितरण प्रणाली दुकानदार जगन्नाथ भगत के दरवाजे पर जांच टीम के सदस्यों ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि बीमार चैती देवी की मौत भूख से ही हुई है. यह बात जांच के दौरान प्रमाणित हो रही है.
सुप्रीम कोर्ट कमिशनर को सौंपी जायेगी रिपोर्ट : जांच टीम के दोनों सदस्यों ने सभी रिपोर्ट कमिश्नर कार्यालय सुप्रीम कोर्ट को सौंपने की बात कही. टीम के सदस्यों ने बताया कि चैती देवी की भूख से मरने की जानकारी प्रभात खबर के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट कमिशनर कार्यालय को हुई.
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में 2001 में भूख से मरने संबंधित एक याचिका दायर हुई थी, तब से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट खुद संज्ञान लेता है. इसके लिए कमिशनर नियुक्त किये गये हैं. कमिशनर के आदेश पर ही वह घटना की जांच के लिए समसपुरा गांव पहुंचे हैं.
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