ePaper

पुणे हादसा : पहले ही बिल्डर को किया था आगाह, मजदूरों के गांवों में नहीं जले चूल्हे, कहीं छिन गया बूढ़ी मां का सहारा

Updated at : 30 Jun 2019 7:19 AM (IST)
विज्ञापन
पुणे हादसा : पहले ही बिल्डर को किया था आगाह, मजदूरों के गांवों में नहीं जले चूल्हे, कहीं छिन गया बूढ़ी मां का सहारा

पुणे : रेजिडेंशल सोसायटी में बिल्डिंग की दीवार गिरने के मामले में स्थानीय लोगों ने बड़ा खुलासा किया है. लोगों का कहना है कि उन्होंने करीब पांच महीने पहले ही बिल्डर को इस खतरे को लेकर आगाह किया था. लेकिन शिकायत के बावजूद बिल्डर ने कोई ऐक्शन नहीं लिया. इसी हाउसिंग सोसायटी के रहने वाले […]

विज्ञापन
पुणे : रेजिडेंशल सोसायटी में बिल्डिंग की दीवार गिरने के मामले में स्थानीय लोगों ने बड़ा खुलासा किया है. लोगों का कहना है कि उन्होंने करीब पांच महीने पहले ही बिल्डर को इस खतरे को लेकर आगाह किया था. लेकिन शिकायत के बावजूद बिल्डर ने कोई ऐक्शन नहीं लिया. इसी हाउसिंग सोसायटी के रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि हमने 16 फरवरी को एल्कॉन लैंडमार्क्स के एक पार्टनर विवेक अग्रवाल के साथ बाकी बचे काम को लेकर मीटिंग की थी.
हमने उन्हें वहां हो रहे काम की क्वॉलिटी को लेकर भी जानकारी दी थी और बताया था कि काम संतोषजनक नहीं है. मीटिंग में हुई बातचीत की जानकारी डिवेलपर फर्म को भी ईमेल के जरिये दी गयी थी. स्थानीय लोगों का दावा है कि एल्कॉन लैंडमार्क के जगदीश अग्रवाल ने रेजिडेंट्स से कहा था कि बिल्डिंग की दीवार सुरक्षित है, यदि उसे कोई क्षति होती है तो उसकी जानकारी डिवेलपर की ही होगी.
छिन गया बूढ़ी मां का सहारा
दरियापुर (सारण) : दरियापुर थाना क्षेत्र के दरिहारा भुआल गांव के सुनील की पुणे में मौत के बाद बूढ़ी का सहारा छीन गया तथा दो बच्चे अनाथ हो गये. सुनील की पत्नी दोनों बच्चों को देखकर दहाड़ मार कर रो रही थी. इससे पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया. महाराष्ट्र के पुणे की कोढ़वा बस्ती में शुक्रवार की रात दीवार गिरने से दरिहारा भुआल गांव निवासी स्व. राजकिशोर सिंह के 40 वर्षीय पुत्र सुनील सिंह की मौत हो गयी. बेटे की मौत की खबर मिलते ही बूढ़ी मां की हालत खराब हो गयी.
वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी. बूढ़ी मां को एक ही गम सता रहा है कि अब इस बुढ़ापे का सहारा कौन होगा. इधर, सुनील की विधवा के कंधे पर दो मासूम बच्चे के लालन-पालन का बोझ आ गया. पिता को खोने के बाद दोनों अनाथ बच्चे सहित मां का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है. गांव वाले सभी इस परिवार की हालात को देख अफसोस कर रहे है कि आखिर परिवार के चार सदस्यों का देख रेख कौन करेगा.
टोले में नहीं जले चूल्हे
लालगंज (वैशाली) : वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के रानी पोखर गांव के अवधेश सिंह की मौत के बाद पूरे टोले में चूल्हा नहीं जला. वह करीब 10 वर्षो से पूना में रहकर लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन में काम कर रहा था.
अवधेश के पिता शैल सिंह और बड़ा भाई किसान हैं. परिजनों ने बताया कि होली व छठ में घर आता था. यह कहते-कहते मां व पत्नी रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी. अवधेश अपने पीछे एक बेटा और एक छोटी बेटी को छोड़ गया है. बच्चे समझ नही पा रहे थे कि सब क्यो रो रहे है. पिता ने बताया कि मौत की खबर मिलते ही वहां काम कर रहे गांव और रिश्तेदारी के दो लोग पूना पहुच गये हैं. यहां से दो आदमी रवाना हो गये हैं. रविवार को फ्लाइट से शव आने की संभावना है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन