42 पर पारा, गर्मी से झुलस रहा शरीर
Updated at : 08 May 2019 12:45 AM (IST)
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हाजीपुर : पारा चढ़ने के साथ ही गर्मी से लोगों की बेचैनी बढ़ गयी है. मई के पहले हफ्ते की शुरुआत के साथ तीखी धूप ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. तन को झुलसा रही धूप, चढ़ता पारा व गर्म हवा के थपेड़ों की वजह से जून की गर्मी का एहसास लोगों को […]
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हाजीपुर : पारा चढ़ने के साथ ही गर्मी से लोगों की बेचैनी बढ़ गयी है. मई के पहले हफ्ते की शुरुआत के साथ तीखी धूप ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. तन को झुलसा रही धूप, चढ़ता पारा व गर्म हवा के थपेड़ों की वजह से जून की गर्मी का एहसास लोगों को होने लगा है. तन को झुलसा देने वाली धूप व गर्म हवा के थपेड़ों की वजह से मंगलवार को बाजार में लोगों की चहल-पहल काफी कम रही.
तीखी धूप व गर्म हवा से बचने के लिए लोग मुंह को गमछे से ढक कर चलने को विवश हैं. भीषण गर्मी की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है. बच्चे चिलचिलाती धूप में किसी तरह स्कूल आने-जाने को विवश हैं. वहीं गर्मी बढ़ने से गन्ने का जूस व तरल पेय पदार्थ की डिमांड काफी बढ़ गयी है.
मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री रहा. सुबह के 11 बजे से ही बाजार व सड़कों पर दोपहर जैसा दृश्य दिखने लगा. तेज धूप से बचने के लिए राहगीर सिर पर गमछा बांध कर सफर करने को मजबूर हो गये.
वहीं पैदल चलने वाली महिलाएं मुंह को गमछे से ढक कर या छतरी के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंचने को विवश रहीं. मई महीने के पहले सप्ताह में ही भीषण गर्मी से लाेग बेहाल हो रहे हैं. गर्मी अगर ऐसे ही बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में भीषण गर्मी लोगों को बेहाल कर देगी.
शीतल पेय व खाद्य पदार्थों की बढ़ गयी डिमांड : जैसे-जैसे गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखाने लगी है, वैसे-वैसे लोग इससे बचने के लिए शीतल पेय पदार्थ, खीरा, ककड़ी, तरबूज आदि का सेवन करने लगे हैं.
भीषण गर्मी की वजह से ज्यादातर लोग गन्ने का जूस व बेल के शरबत का सेवन करना पसंद करने लगे हैं. वहीं खीरा, ककड़ी, तरबूज, लस्सी आदि की डिमांड भी काफी ज्यादा बढ़ गयी है. बाजार व विभिन्न चौक-चौराहे पर पर गन्ने का जूस, बेल का शरबत, खीरा, ककड़ी, तरबूज, संतरा आदि की बिक्री ने जोर पकड़ ली है.
गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पतालाें में बढ़े मरीज
गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमारियां भी धीरे-धीरे पांव पसारने लगी है. अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गयी है. गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है. वायरल बुखार, डायरिया और उल्टी-दस्त के देखने को मिल रहे हैं. डॉक्टरों की मानें तो गर्मी बढ़ने के साथ ही ऐसे मरीजों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है.
लिहाजा अपने साथ-साथ बदलते मौसम में बच्चों का भी खास ध्यान रखें क्योंकि जरा ही लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है. फिजिशियन डॉ शिशिर कुमार बताते हैं कि गर्मी के मौसम में विशेष रूप से सतर्कता बरनी चाहिए. गर्मी का मौसम जब शुरू हो रहा होता है तो बदलते मौसम की वजह से वायरल के मरीज भी काफी बढ़ जाते हैं.
तेज सर्दी लगना, हाथ-पैरों और सिर में दर्द होना, गले व कानों में दर्द होना-ये सब वायरल के सामान्य लक्षण है. वायरल से बचने के लिए घर में साफ सफाई रखें. कहीं भी पानी जमा न होने दें. बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं. ओपीडी में मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गयी है. निजी अस्पतालों में भी डायरिया व दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.
क्या है ंलू लगने के लक्षण
अत्यधिक प्यास लगना एवं मुंह सूखना, शरीर, आंख, हाथ-पैर के तलवों में जलन और कमजोरी, शरीर का तापमान बढ़ना या तेज बुखार होना, नाड़ी गति व सांस तेज चलना, बदन में दर्द एवं कमजोरी महसूस होना, बेहोशी जैसी स्थिति का होना, काफी पसीना आना या एकदम पसीना आना बंद हो जाना
लू लगने से कैसे बचें
नंगे बदन व नंगे पैर बाहर जाने से बचें, धूप से बचने के लिए टोपी या छाता लगाकर निकलें, धूप में निकलने से पहले पूरे शरीर को किसी कपड़े से कवर कर और सूती कपड़े पहनकर ही निकलें, धूप में निकलते समय आंखों पर काले चश्मे का प्रयोग करें, घर से पानी या शरबत जैसे आम पन्ना, शिकंजी, खस का शर्बत पीकर निकलें एवं साथ में पानी लेकर चलें
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