ePaper

बिजली भरपूर पर लोकल फॉल्ट से पसीने-पसीने हो रहे लोग

Updated at : 01 May 2019 5:32 AM (IST)
विज्ञापन
बिजली भरपूर पर लोकल फॉल्ट से पसीने-पसीने हो रहे लोग

हाजीपुर : गर्मी की आहट के साथ ही 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दावा वैशाली जिले में दरकने लगा है. खासकर जिला मुख्यालय हाजीपुर में. विभाग का दावा है कि जरूरत के अनुसार पर्याप्त बिजली मिल रही है. विभाग भले ही भरपूर बिजली मिलने का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि लोगों को […]

विज्ञापन

हाजीपुर : गर्मी की आहट के साथ ही 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दावा वैशाली जिले में दरकने लगा है. खासकर जिला मुख्यालय हाजीपुर में. विभाग का दावा है कि जरूरत के अनुसार पर्याप्त बिजली मिल रही है. विभाग भले ही भरपूर बिजली मिलने का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि लोगों को रात-रात भर भीषण गर्मी में जग कर गुजारना पड़ रहा है.

भीषण गर्मी की वजह से बिजली की सप्लाइ लाइन में गड़बड़ी आना आम बात हो गयी है. इस भीषण गर्मी में लोगों को घंटों बिना बिजली के गुजारना पड़ रहा है. बिजली कटौती का आलम यह है कि यूपीएस व इन्वर्टर तक जवाब दे जा रहे हैं. लोकल फॉल्ट की वजह से बिजली सप्लाइ बाधित होने पर एक ओर जहां उपभोक्ता भीषण गर्मी की वजह से पसीने-पसीने हो रहे हैं.
वहीं दूसरी ओर विभागीय पदाधिकारी व कर्मचारी फॉल्ट खोजने में पसीना बहा रहे हैं. बिजली की किल्लत से परेशान लोग अब सोशल मीडिया पर भी जमकर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं. फेसबुक व व्हाट्सएप ग्रुप पर लोग बिजली की कटौती से होने वाली परेशानी पर विभागीय पदाधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुना रहे हैं.
वहीं विभागीय पदाधिकारी भी सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से पीछे नहीं है. फॉल्ट दूर करने को लेकर की जा रही कवायद को वो लोगों से साझा कर रहे हैं, लेकिन जब लोग उनसे यह सवाल करते हैं कि गर्मी शुरू होने के पहले मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती की जाती थी, अब फॉल्ट के नाम पर, आखिर उस वक्त मेंटेनेंस के नाम पर क्या किया, लोगों के इस सवाल पर विभागीय पदाधिकारी निरुत्तर से नजर आते हैं.
कल पूर्वी विक्षोभ पहुंचने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. पूर्वी हवा आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली. इसके कारण लोग पसीना से तर-बतर होते रहे. आर्द्रता 26-74 फीसदी के बीच रही.
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को पारा और ऊपर चढ़ेगा. दो मई को बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे विक्षोभ के उत्तर बिहार में पहुंचने की संभावना बन रही है. इससे अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं.
खपत के अनुसार हो रही बिजली की आपूर्ति
खपत के अनुरूप पर्याप्त बिजली मिल रही है. लोकल फॉल्ट आने पर बिजली की सप्लाइ बाधित जरूर होती है, लेकिन उसे दूर करने के पदाधिकारी से लेकर कर्मी तक देर रात को भी स्पॉट पर पहुंच कर उस समस्या का समाधान करते हैं. फॉल्ट आने की सूचना मिलते ही कर्मचारी वहां पहुंच जाते हैं.
अरविंद कुमार, एग्जिक्यूटिव इंजीनियर, विद्युत विभाग
गर्मी बढ़ने के साथ ही बढ़े मरीज
गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमारियां भी धीरे-धीरे पांव पसारने लगी है. अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गयी है. गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है. वायरल बुखार, डायरिया और उल्टी-दस्त के देखने को मिल रहे हैं. डॉक्टरों की मानें तो गर्मी बढ़ने के साथ ही ऐसे मरीजों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है
लिहाजा अपने साथ-साथ बदलते मौसम में बच्चों का भी खास ध्यान रखें क्योंकि जरा ही लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है. फिजिशियन डॉ शिशिर कुमार बताते हैं कि गर्मी के मौसम में विशेष रूप से सतर्कता बरनी चाहिए. गर्मी का मौसम जब शुरू हो रहा होता है तो बदलते मौसम की वजह से वायरल के मरीज भी काफी बढ़ जाते हैं.
तेज सर्दी लगना, हाथ-पैरों और सिर में दर्द होना, गले व कानों में दर्द होना-ये सब वायरल के सामान्य लक्षण है. वायरल से बचने के लिए घर में साफ सफाई रखें. कहीं भी पानी जमा न होने दें. बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं. ओपीडी में मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गयी है. निजी अस्पतालों में भी डायरिया व दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.
गर्मी में बीमार पड़ रहे लोग
गर्मी अपने चरम पर है और पारा अधिकतम 42 डिग्री तक पहुंच चुका है. इस समय दिन और रात के तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव बीमारियों को न्योता दे रहा है. गर्मी के चलते उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़नी शुरू हो गयी है. पीएचसी व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है. इनमें बच्चों की संख्या अधिक है.
आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की आशंका है. डॉक्टरों के अनुसार गर्मी में जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ जाती है. गर्मी में पेट की बीमारियां सबसे अधिक होती हैं. इसका मुख्य कारण दूषित खान-पान होता है. डिहाइड्रेशन के मरीज इस मौसम में सबसे अधिक सामने आते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन