नीरा प्रोजेक्ट धरातल पर उतारने की चल रही पहल
Updated at : 15 Jul 2017 12:12 PM (IST)
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हाजीपुर : जीविका की ओर से जिले में नीरा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए 52 समूहों को सशक्त बनाने की कवायद चल रही है. उनमें 28 समूहों में से प्रत्येक को दो-दो लाख रुपये दिये गये हैं. उन रुपयों से समूह के सदस्यों को नीरा प्रोजेक्ट के लिए संसाधन जुटाने हैं. वहीं 24 […]
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हाजीपुर : जीविका की ओर से जिले में नीरा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए 52 समूहों को सशक्त बनाने की कवायद चल रही है. उनमें 28 समूहों में से प्रत्येक को दो-दो लाख रुपये दिये गये हैं. उन रुपयों से समूह के सदस्यों को नीरा प्रोजेक्ट के लिए संसाधन जुटाने हैं. वहीं 24 समूह स्वतंत्र रूप से काम करेंगे. इन 24 समूहों को आइस बॉक्स एवं जार आदि दिये जा चुके हैं.उसी बॉक्स एवं जार में नीरा को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया संचालित होगी. जिला जीविका प्रबंधक ने बताया कि कोई भी दुकानदार तैयार नीरा को बेच सकता हैं. उसे इस कार्य के लिए लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी.
रसायन व चूने का ट्रीटमेंट देकर तैयार बरतन में उतरेगा नीरा : शाम के वक्त पोटेशियम परमैंगनेट व चूने से ट्रिट किये गये बरतन (लवनी) को तार के पेड़ पर टांगा जायेगा.सुबह धूप निकलने से पहले उसे उतारा जायेगा. उतारकर आइस बॉक्स में डाल कर नीरा संग्रह केंद्र पर पहुंचाया जायेगा.
बरतन को पोटेशियम परमैंगनेट से धोकर और चूने का लेप लगाकर उसे सुखने के बाद ही नीरा उतारने के काम में लाया जायेगा.नीरा उतारने वालों को जीविका की ओर से 25 रुपये प्रति लीटर का पारिश्रमिक दिये जायेंगे.
जिले में इन स्थानों पर बनाये गये हैं नीरा संग्रह व वितरण केंद्र : जीविका प्रबंधक ने बताया कि जिले के सात प्रखंडों में फिलहाल विभिन्न स्थानों पर नीरा के संग्रह व वितरण केंद्र खोले जा चुके हैं. सदर प्रखंड में पानापुर लंगा, दयालपुर, बहुआरा, कर्णपूरा, लालगंज प्रखंड में एतवारपुर, सिसौला, मधुसुदन पकड़ी, मानिकपुर पकड़ी, भगवानपुर प्रखंड में कैलीटांड़, बराहरूप, गोरौल प्रखंड में रामदासपुर और महमदपुर, सहदेई बुजुर्ग में बाजितपुर, देसरी में जहांगीरपुर, जाफराबाद, भिखनपुरा, महुआ में नारंगी सिकन सहित 12 स्थानों पर केंद्र खोले गये हैं.
7.2 से 8.8 पीएस तक ही नीरा सुरक्षित : ताड़ के पेड़ से टैपर (नीरा) उतारने के लिए उत्पाद विभाग द्वारा 7434 आवेदकों को अब तक लाइसेंस निर्गत किये जा चुके है. लाइसेंस देने के बाद टैपर उतारने वाले लाइसेंस धारियों को उद्योग विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर ताड़ के पेड़ से कैसे नीरा को सुरक्षित ढंग से उतारा जाये, इसकी जानकारी भी दी गयी.
यह जानकारी जिला उत्पाद अधीक्षक ने दी. नीरा को पेड़ से उतारने के बाद उसे सुरक्षित रखने के लिए 7.2 से 8.8 पीएस मापदंड निर्धारित किया गया है. 7.2 पीएस मापदंड के नीचे तक पहुंचे नीरा को नष्ट कर दिया जाता है. से उतारे गये नीरा को नीरा को सही माना गया. 7.2 पीएस मापदंड के नीचे आने पर नीरा को फेंक दिया जाता है. नीरा उतारने के लिए व्यवसायियों को नि:शुल्क लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है.
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