महिला ने अलग-अलग लाइनों में लगकर एक साथ ले लिये कोविशील्ड और कोवैक्सीन के डोज, स्वास्थ्यकर्मियों के उड़े होश, जानिये क्या बोले डॉक्टर

पुनपुन प्रखंड के बेल्दारीचक उत्क्रमित मध्य विद्यालय वैक्सीनेशन सेंटर पर बुधवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गयी, जब एक बुजुर्ग महिला ने कुछ ही अंतराल पर कोराेना वैक्सीन के दो डोज ले लिये. ये दो डोज दो अलग-अलग वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन के थे. कुछ देर के बाद जब इसकी जानकारी उसके परिजनों को हुई, तो उन्होंने वहां पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया.
मसौढ़ी/फुलवारी. पुनपुन प्रखंड के बेल्दारीचक उत्क्रमित मध्य विद्यालय वैक्सीनेशन सेंटर पर बुधवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गयी, जब एक बुजुर्ग महिला ने कुछ ही अंतराल पर कोराेना वैक्सीन के दो डोज ले लिये. ये दो डोज दो अलग-अलग वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन के थे. कुछ देर के बाद जब इसकी जानकारी उसके परिजनों को हुई, तो उन्होंने वहां पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया.
इधर जब इसकी जानकारी वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को हुई तो उनके होश उड़ गये. मौके पर मुखिया पति व अन्य लोगों ने मामले को शांत कराया.चिकित्सा पदाधिकारी संजय कुमार के निर्देश के बाद एक मेडिकल टीम ने महिला का स्वास्थ्य परीक्षण किया. चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि महिला का स्वास्थ्य ठीक है.
चिकित्सा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि एक ही कमरे में 18+ और 45+ वालों को वैक्सीन दी जा रही थी. इसके लिए कोविशील्ड व कोवैक्सीन के लिए अलग-अलग लाइन लगी थी. अवधपुर निवासी रवींद्र महतो की 63 वर्षीया पत्नी सुनीला देवी को सारी प्रक्रिया करने के बाद कोवैक्सीन का डोज देकर कुछ देर बैठने के लिए बोला गया. लेकिन, वह कुछ देर बैठने के बाद दूसरी पंक्ति में जा खड़ी हुई और वहां उसने कोविशील्ड का भी डोज ले लिया.
बाद में महिला से पूछा गया तो उसने बताया कि दोनों पक्तियों में लोग वैक्सीन ले रहे थे, इसलिए हमें लगा कि दोनों पंक्तियों में जाकर वैक्सीन लेनी है. चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि सेंटर पर मौजूद दो एएनएम चंचला कुमारी व सुनीता कुमारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने बताया कि ऐसे एक साथ दो डोज नहीं पड़ने हैं. लेकिन भूलवश पड़ भी गये हैं तो इससे कोई ज्यादा परेशानी नहीं है.
पटना एम्स के नोडल कोरोना ऑफिसर डॉ संजीव कुमार ने बताया कि अगर गलती से किसी को एक ही दिन में वैक्सीन के दो डोज दे दिये गये हैं तो ऐसी स्थिति में उसका शारीरिक रिएक्शन क्या है, उसे देखते हुए इलाज किया जा सकता है. उसे अगर कोई रिएक्शन नहीं हुआ है, तो 14 दिन बाद उसका एंटीबॉडी टेस्ट किया जाना जरूरी है और फिर उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे इलाज हो सकेगा.
राज्य में बुधवार को तीन लाख 53 हजार 606 लोगों को कोरोना का टीका दिया गया. इनमें तीन लाख 43 हजार 168 ने पहला और 10,438 ने दूसरा डोज लिया. इनमें सबसे अधिक दो लाख 99 हजार 988 युवाओं ने पहला और 5124 ने दूसरा डोज लिया. इसके पहले 10 अप्रैल को 3.64 लाख से अधिक को टीका दिया गया था. अब तक 1.26 करोड़ से अधिक को वैक्सीन लग चुकी है.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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