सरकारी पहल : बाबा तिल्हेश्वरनाथ मंदिर को पर्यटक स्थल के रूप में मिलेगा नया स्वरूप

Updated at : 04 Feb 2025 5:59 PM (IST)
विज्ञापन
सरकारी पहल : बाबा तिल्हेश्वरनाथ मंदिर को पर्यटक स्थल के रूप में मिलेगा नया स्वरूप

बुजुर्गों का यह कहना है कि यहां पर भगवान शिव अर्थात स्वयं शंभू पधारे थे.

विज्ञापन

– तिल्हेश्वरनाथ मंदिर को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए 7 करोड़ 52 लाख तीन हजार रुपये की मिली प्रशासनिक स्वीकृति – प्रथम किस्त के रूप में जारी किया गया 01 करोड़ 88 लाख 07 हजार पांच सौ रुपये – दर्शन पूजन के लिए मंदिर में सालों भर लगा रहता है श्रद्धालुओं का तांता सुपौल. सरकार ने जिले में स्थित बाबा तिल्हेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए 07 करोड़ 52 लाख तीन हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है. इस योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रथम किस्त के रूप में 01 करोड़ 88 लाख 07 हजार पांच सौ रुपये की राशि जारी की गई है. गौरतलब है कि प्रगति यात्रा के दौरान 20 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बाबा तिल्हेश्वर नाथ मंदिर का जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण तथा सुखपुर बाजार से तिल्हेश्वर नाथ मंदिर तक सड़क का चौड़ीकरण के लिए की गयी घोषणा के बाद जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गयी. सुपौल जिला मुख्यालय से 10 किमी की दूरी पर सदर प्रखंड के सुखपुर सोल्हनी एवं कर्णपुर पंचायत अन्तर्गत सुखपुर व महेशपुर गांव में भव्य प्राचीन बाबा तिल्हेश्वर नाथ मंदिर अवस्थित है. तिल्हेश्वर नाथ मंदिर में अवस्थित शिवलिंग स्वयं-भू है. बुजुर्गों का यह कहना है कि यहां पर भगवान शिव अर्थात स्वयं शंभू पधारे थे. लोगों की मुरादे पूरी होने के कारण दर्शन-पूजन के लिए यहां सालों भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. क्या-क्या होंगे विकास कार्य सदर प्रखंड के सुखपुर-सोल्हनी पंचायत स्थित तिलेश्वर स्थान में इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में शौचालय ब्लॉक, चेंजिंग रूम, पाथवे, चाहरदीवारी, जन सुविधाएं, घाट का निर्माण, लैंडस्केपिंग और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा. योजना का कार्यान्वयन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा. निगम इस कार्य को 12 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य लेकर चलेगा. इसके अलावा, गुणवत्ता जांच और प्रगति रिपोर्ट के रूप में फोटोग्राफ और वीडियोग्राफ के साथ वित्तीय एवं भौतिक प्रगति प्रतिवेदन पर्यटन विभाग को हर माह सौंपा जाएगा. स्वीकृत राशि को सीएफएमएस प्रणाली के तहत आवंटित किया जाएगा और इसे बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के पीएल खाते में स्थानांतरित किया जाएगा. योजना की वित्तीय निकासी और व्ययन अधिकारी पर्यटन विभाग के उप निदेशक होंगे. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा बिहार सरकार की इस पहल से न केवल सुपौल जिले के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. बाबा तिलेश्वरनाथ मंदिर में हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं, और इस परियोजना के बाद उनकी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा. स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस फैसले का स्वागत किया है. एक भक्त विकास कुमार ने कहा, यह निर्णय हमारे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होगा. इससे मंदिर का आधुनिकीकरण होगा और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी. बिहार सरकार का यह कदम धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है. अगर यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो सुपौल जल्द ही बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है. बाबा तिल्हेश्वर नाथ मंदिर का जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ सुखपुर बाजार से तिल्हेश्वर नाथ मंदिर तक सड़क का चौड़ीकरण हो जाने से जलाभिषेक के लिए प्रत्येक रविवार और सोमवार को सालों भर यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अत्यधिक बढ़ोतरी होगी. साथ ही श्रावण मास में जलाभिषेक के लिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में हो जाएगी. जिससे तिल्हेश्वर नाथ मंदिर एवं आस-पास के क्षेत्रो में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. राज्य के अन्य क्षेत्रों से भी जलाभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु यहां आ सकेंगे. इससे कोसी का यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक रूप से समृद्ध भी होगा. तिलहेश्वर मंदिर धार्मिक न्यास पर्षद से है निबंधित सदर प्रखंड के सुखपुर-सोल्हनी पंचायत स्थित प्रसिद्ध बाबा तिलहेश्वर नाथ मंदिर बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अधिसूचना संख्या 792, 13 जून 2023 द्वारा श्री श्री 108 तिल्हेश्वर स्थान के रूप में निबंधित (निबंधन संख्या 3849) है. इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के उपरोक्त अधिसूचना के द्वारा श्री श्री 108 तिल्हेश्वर स्थान न्यास समिति एक वर्ष के लिए अस्थायी रूप से अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित है. गठित न्यास समिति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सचिव तथा कोषाध्यक्ष सहित कुल 11 सदस्य है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन