भीषण जाम से थमा शहर का पहिया, परेशान रहे रोजेदार व शहरवासी

समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल
– रमजान के पहले जुमा और मैट्रिक परीक्षा के बीच चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था, एंबुलेंस तक फंसी सुपौल. जिला मुख्यालय में शुक्रवार को दिनभर जाम की स्थिति बनी रही. शहर के लगभग सभी मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. खासकर दोपहर के समय स्थिति और भी भयावह हो गई, जब महावीर चौक से स्टेशन चौक जाने वाले मार्ग, महावीर चौक से थाना चौक तथा लोहिया नगर चौक तक भीषण जाम लग गया. इस जाम में एम्बुलेंस की गाड़ियां भी काफी देर तक फंसी रहीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई. शुक्रवार को रमजान का पहला जुमा होने के कारण शहर की मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से निकले थे. इसके साथ ही जिला मुख्यालय के करीब आधा दर्जन केंद्रों पर मैट्रिक की परीक्षा भी संचालित हो रही है. परीक्षार्थियों और अभिभावकों की भीड़ व नमाजियों की आवाजाही ने ट्रैफिक दबाव को कई गुना बढ़ा दिया. नतीजतन, शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. प्रमुख चौक-चौराहों पर सबसे अधिक दबाव दोपहर लगभग एक बजे के बाद महावीर चौक से स्टेशन चौक जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. बाइक, ऑटो, ई-रिक्शा और चारपहिया वाहनों के बीच आगे निकलने की होड़ ने स्थिति को और बिगाड़ दिया. महावीर चौक से थाना चौक की ओर जाने वाला मार्ग भी जाम की चपेट में रहा. वहीं लोहिया नगर चौक पर भी यातायात घंटों तक रेंगता रहा. शुक्रवार को बाजार में भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ थी. रमजान के पहले जुमा को लेकर खरीदारी और अन्य आवश्यक कार्यों के कारण लोग बड़ी संख्या में बाजार पहुंचे थे. ऐसे में सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन और ठेले भी जाम का कारण बने. शहरवासियों का कहना है कि जाम की समस्या अब आम हो गई है, लेकिन जब आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होने लगें तो यह गंभीर चिंता का विषय है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कम से कम मुख्य मार्गों पर एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों के लिए विशेष लेन सुनिश्चित की जाए. परीक्षा केंद्रों के आसपास बढ़ी भीड़ जिला मुख्यालय में मैट्रिक परीक्षा चल रही है. करीब आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों पर सुबह और दोपहर की पाली में परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ रही है. अभिभावक अपने बच्चों को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने और लाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. कई जगहों पर वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होता है. परीक्षा केंद्रों के पास ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता महसूस की जा रही है. हालांकि मुख्य चौराहों पर पुलिस पिकेट बनाए गए हैं और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भी रहती है, लेकिन भीड़ के आगे व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है. ट्रैफिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस पिकेट मौजूद है. इसके बावजूद जाम की स्थिति उत्पन्न होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की तैनाती तो दिखती है, लेकिन समुचित नियंत्रण और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था नहीं होने से समस्या जस की तस बनी रहती है. जानकार बताते है कि शहर की सड़कों की चौड़ाई सीमित है, जबकि वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसके अलावा अतिक्रमण, अनियमित पार्किंग और यातायात नियमों की अनदेखी भी जाम की बड़ी वजह है. यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल रूप ले सकती है. समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख अवसरों जैसे परीक्षा, त्योहार या विशेष धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए. अस्थायी वन-वे व्यवस्था, नो-पार्किंग जोन का सख्ती से पालन और अतिक्रमण हटाने की नियमित कार्रवाई से काफी हद तक राहत मिल सकती है. इसके अलावा स्कूल और परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए. ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग स्टैंड चिह्नित किए जाएं, ताकि वे मुख्य सड़क पर खड़े होकर जाम की स्थिति न उत्पन्न करें. लगातार जाम की समस्या से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. कामकाजी लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे, मरीज अस्पताल जाने में परेशान हो रहे हैं और छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है. कहते हैं एसडीएम एसडीएम मनोहर कुमार साहु ने बताया कि मैट्रिक परीक्षा को लेकर शहर में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति रहती है. जाम से निजात दिलाने को लेकर प्लानिंग की जा रही है. जल्द ही शहर में जाम की समस्या समाप्त होगी.
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