सुपौल में रविवार को ओपीडी रहेगी बंद, 24 घंटे चालू रहेगी इमरजेंसी, जानिए किस डॉक्टर की रहेगी ड्यूटी

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सुपौल सदर अस्पताल

Supaul Sader Hospital : रविवार को अगर आपको अस्पताल जाना है तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें. ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, लेकिन इमरजेंसी और प्रसूति सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है.

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सुपौल से रिपोर्ट

Supaul Sader Hospital : रविवार को सुपौल सदर अस्पताल में नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी. ऐसे में अगर किसी मरीज को अचानक इलाज की जरूरत पड़ती है तो घबराने की जरूरत नहीं है. अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को चौबीसों घंटे चालू रखने की व्यवस्था की है. अलग-अलग शिफ्ट में डॉक्टरों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके. खासकर प्रसूता महिलाओं के लिए भी ऑन कॉल चिकित्सकों की टीम तैयार रखी गई है.

ओपीडी बंद, लेकिन इमरजेंसी सेवा रहेगी जारी

रविवार होने के कारण सदर अस्पताल में नियमित ओपीडी सेवा संचालित नहीं होगी. हालांकि अस्पताल की इमरजेंसी सेवा 24 घंटे सामान्य रूप से चालू रहेगी. अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है.

सुबह 08 बजे से दोपहर 02 बजे तक डॉ मनोज कुमार दिवाकर इमरजेंसी सेवा में तैनात रहेंगे. इसके बाद दोपहर 02 बजे से रात 09 बजे तक डॉ प्रदीप कुमार पासवान मरीजों का इलाज करेंगे.

रात्रि 09 बजे से अगले दिन सुबह 08 बजे तक डॉ पवन कुमार इमरजेंसी की जिम्मेदारी संभालेंगे.

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Supaul Sader Hospital: प्रसूता महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था

लेबर रूम में प्रसूता महिलाओं के इलाज के लिए डॉ नूतन वर्मा, डॉ आलोक कुमार, राजेश पासवान और डॉ पंकज कुमार ऑन कॉल उपलब्ध रहेंगे. आवश्यकता पड़ने पर यही टीम सी-सेक्शन की सेवा भी देगी.

मरीजों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी

अक्सर रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में लोग ओपीडी बंद होने की जानकारी के अभाव में अस्पताल पहुंच जाते हैं. इससे उन्हें अनावश्यक परेशानी होती है. ऐसे में पहले से ड्यूटी रोस्टर की जानकारी होने से मरीज और उनके परिजन बेहतर तरीके से इलाज की योजना बना सकते हैं.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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