सुपौल से सहयोग शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़,अधिकारियों ने सुनीं शिकायतें

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 02 Jun 2026 3:41 PM

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पिपरा में ‘सहयोग शिविर’ में शामिल हुई आम जनता

Supaul News: सुपौल के पिपरा प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा. चार पंचायतों में लगे शिविर में सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे, जहां कई शिकायतों का मौके पर निपटारा किया गया, जबकि जटिल मामलों के समाधान के लिए समयसीमा तय की गई.

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सुपौल से इंद्रभूषण की रिपोर्ट.

Supaul News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘सहयोग शिविर’ का असर अब गांवों में दिखने लगा है. मंगलवार को पिपरा प्रखंड की निर्मली, कटैया माहे, पथरा दक्षिण और तुला पट्टी पंचायत में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे. अधिकारियों ने शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल समाधान भी किया. इससे ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखने को मिला.

अब हर महीने दो बार मिलेगा समाधान का मौका

राज्य सरकार के निर्देशानुसार अब प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य आम लोगों की प्रशासनिक और स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान करना है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों का तत्काल निपटारा संभव होगा, उन्हें उसी दिन सुलझाया जाएगा, जबकि जटिल मामलों को 30 दिनों के भीतर निष्पादित करने का लक्ष्य रखा गया है.

अधिकारियों ने मौके पर सुनी जनता की फरियाद

निर्मली और पथरा दक्षिण पंचायत में अपर समाहर्ता स्वयं शिविर में मौजूद रहे. उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में तत्काल निर्देश जारी किए. निर्मली पंचायत के मुखिया हरिनंदन मंडल भी पूरे समय शिविर में मौजूद रहे और लोगों की सहायता करते रहे.

वहीं कटैया माहे और तुला पट्टी पंचायत में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने शिविर का संचालन किया. उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया. कटैया माहे पंचायत की मुखिया रेखा कुमारी और समाजसेवी नवीन कुमार ने भी शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई.

अलग-अलग विभागों के काउंटर से मिली सुविधा

ग्रामीणों को परेशानी न हो, इसके लिए राजस्व, पंचायती राज, आपूर्ति, विद्युत, पीएचईडी और कृषि विभाग के अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे. संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी आवेदन प्राप्त कर उनकी प्रारंभिक जांच कर रहे थे.

शिविर में सबसे अधिक आवेदन जमीन संबंधी विवादों और राजस्व मामलों से जुड़े प्राप्त हुए. वहीं न्यायालय से जुड़े मामलों में लोगों को संबंधित अदालतों का रुख करने की सलाह दी गई.

प्रशासन और जनता के बीच घट रही दूरी

शिविर की निगरानी में सीओ उमा कुमारी, बीडीओ अमरेन्द्र पंडित, पंचायती राज पदाधिकारी मनी कांत कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. ग्रामीणों ने कहा कि सहयोग शिविर के कारण अब छोटी-छोटी समस्याओं के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय का बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है. लोगों का मानना है कि यह पहल प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत कर रही है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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