सुपौल में बच्चों ने रंगों से छेड़ी नशे के खिलाफ मुहिम, 55 प्रतिभागियों ने दिया नशामुक्त समाज का संदेश
बच्चों ने नशा मुक्ति का संदेश दिया
Supaul News: सुपौल के भीमनगर में नशा विमुक्ति दिवस पर बीएसएपी की 12वीं और 15वीं बटालियन में पेंटिंग एवं कार्टून प्रतियोगिता आयोजित की गई. 55 बच्चों ने नशा मुक्ति का संदेश दिया.
वीरपुर (सुपौल), प्रमोद कुमार की रिपोर्ट.
Supaul News: कागज पर उभरते रंग, हाथों में ब्रश और आंखों में एक बेहतर समाज का सपना. भीमनगर स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) बटालियन परिसर में शुक्रवार को कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला. नशा विमुक्ति दिवस के मौके पर बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता को रंगों में ढालते हुए न सिर्फ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज को नशे से दूर रहने का प्रभावशाली संदेश भी दिया.
सीमावर्ती क्षेत्र भीमनगर स्थित बीएसएपी की 12वीं और 15वीं बटालियन मुख्यालय में आयोजित पेंटिंग एवं कार्टून प्रतियोगिता में 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 55 बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. प्रतियोगिता का विषय ‘नशा मुक्ति’ रखा गया था, जिस पर बच्चों ने अपनी रचनात्मक सोच को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया.
आखिर बच्चों ने क्या संदेश दिया?
प्रतियोगिता में शामिल बच्चों ने अपनी पेंटिंग और कार्टून के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया कि नशा किस तरह व्यक्ति, परिवार और समाज को प्रभावित करता है. कई चित्रों में नशे से टूटते परिवारों की तस्वीर दिखाई गई, तो कई बच्चों ने स्वस्थ और नशामुक्त समाज की कल्पना को रंगों में उकेरा.
कार्यक्रम की अध्यक्षता 12वीं एवं 15वीं बटालियन के कमांडेंट शशि शंकर कुमार ने की. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना था.
प्रतियोगिता में किसने मारी बाजी?
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए श्रुति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. अंशु कुमारी दूसरे और प्रीति कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं.
विजेताओं को 12वीं बटालियन के डीएसपी वासुदेव राय ने पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को भी सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया.
क्यों जरूरी हैं ऐसे आयोजन?
इस अवसर पर डीएसपी वासुदेव राय ने कहा कि नशा विमुक्ति दिवस पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में जागरूकता पैदा करना और उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना है.
उन्होंने कहा कि जब बच्चे किसी सामाजिक विषय को समझते हैं और उसे अपनी कला के माध्यम से अभिव्यक्त करते हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव उनके मन-मस्तिष्क पर पड़ता है. यही बच्चे आगे चलकर समाज में जागरूकता फैलाने के वाहक बन सकते हैं.
Supaul News: समाज को मिला सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम में डीएसपी सुमन कुमार शर्मा, 15वीं बटालियन के डीएसपी रमेश कुमार चौधरी, राकेश कुमार भास्कर सहित 12वीं और 15वीं बटालियन के कई अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे.
नशा मुक्ति की लड़ाई केवल प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी का भी विषय है. भीमनगर में बच्चों द्वारा रंगों के जरिए दिया गया यह संदेश बताता है कि बदलाव की शुरुआत नई पीढ़ी से भी हो सकती है.
इसे भी पढ़ें: बिहार को मोदी सरकार ने दिया 2900 करोड़ का तोहफा, जानिए कैसे खर्च होगा पैसा और क्या है 50-50 का फॉर्मूला?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










