जातीय जनगणना व भूमि सर्वे में अनियमितता को लेकर जन सुराज करेगी राज्यव्यापी आंदोलन

बिल्टु सहनी ने कहा कि सरकार से बार-बार सवाल पूछने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला है
सुपौल. जन सुराज पार्टी की जिला इकाई ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर बिहार सरकार पर जातीय जनगणना और भूमि सर्वेक्षण में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाया. पार्टी ने इन मुद्दों पर राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जन सुराज के सुपौल जिला अध्यक्ष बिल्टु सहनी ने कहा कि सरकार ने 07 नवंबर 2023 को जातीय जनगणना रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की थी और 22 नवंबर 2023 को इसके आधार पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थी. लेकिन आज तक इनमें से किसी भी घोषणा को धरातल पर लागू नहीं किया गया है. बिल्टु सहनी ने कहा कि सरकार से बार-बार सवाल पूछने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला है. उन्होंने सरकार से जातीय जनगणना और भूमि सर्वेक्षण पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए कई अहम सवाल उठाए. जातीय जनगणना रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण बढ़ाने की घोषणा के बावजूद अब तक आरक्षण की सीमा नहीं बढ़ाई गई. 94 लाख परिवारों को 02 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला. 40 लाख बेघर परिवारों को 1.20 लाख रुपये सहायता देने का वादा अधूरा ही रह गया. दलित विकास मिशन के तहत भूमिहीन दलितों को जमीन देने का वादा भी आंशिक रूप से ही पूरा हुआ है. जन सुराज ने घोषणा की है कि 11 मई से पूरे बिहार के 40 हजार से अधिक गांवों में बैठकों के जरिये व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत 01 करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठा कर 11 जुलाई को राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा. प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष इंद्रदेव साह, नरेश नारायण, केशव भंडारी, ब्रजेश कुमार, डॉ नीलम सिंह, सीमा सिंह, अरुण भारती, डॉ अमन कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
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