कैलाशपुरी मंदिर में महोत्सव की तैयारी तेज, हजारों श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

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बैठक करते ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

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Nag Panchami 2026 : पिपरा प्रखंड के कैलाशपुरी मंदिर में 17 अगस्त को होने वाले नागपंचमी महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन और मेला समिति ने विस्तृत रणनीति बनाई है. माता बिषहरी को दूध-लावा अर्पित करने की परंपरा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है.

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Nag Panchami 2026 : पिपरा प्रखंड के पथरा उत्तर पंचायत स्थित उत्तर बिहार के प्रसिद्ध कैलाशपुरी मंदिर में 17 अगस्त को होने वाले नागपंचमी महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं. हजारों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए मेला समिति और प्रशासन ने संयुक्त बैठक कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की.

नागपंचमी महोत्सव को लेकर हुई संयुक्त बैठक

रविवार को कैलाशपुरी मंदिर परिसर में मेला समिति और प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई. बैठक का मुख्य उद्देश्य नागपंचमी महोत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना था. अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने आयोजन से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की.

हजारों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना

बैठक में बताया गया कि नागपंचमी के अवसर पर मंदिर स्थित माता बिषहरी के दरबार में सुपौल सहित आसपास के कई जिलों से हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे. इसे देखते हुए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और विधि-व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा.

दुकानों और पार्किंग की होगी सुव्यवस्थित व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बैठक में दुकानदारों को निर्धारित स्थान पर ही दुकान लगाने का निर्णय लिया गया. साथ ही वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल की व्यवस्था करने पर भी सहमति बनी, ताकि मेला क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो.

माता बिषहरी को दूध और लावा अर्पित करने की है परंपरा

मेला समिति के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि नागपंचमी के दिन माता बिषहरी को दूध और लावा अर्पित करने की वर्षों पुरानी परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसी आस्था के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील

बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नागपंचमी महोत्सव को सफल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का संकल्प लिया. श्रद्धालुओं से पूजा-अर्चना के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई. बैठक में राजस्व अधिकारी सह प्रभारी सीओ सुभाषचंद्र चौधरी, पुअनि जयप्रकाश सिंह, मुखिया मशरुदीन, पूर्व मुखिया हेम नारायण मंडल, पूर्व सरपंच ब्रह्मदेव ठाकुर सहित मेला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.


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इंद्रभूषण कुमार

लेखक के बारे में

By इंद्रभूषण कुमार

इंद्रभूषण प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. कटैया निर्मली (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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