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आज से होगी मैट्रिक की परीक्षा, जिले में बनाये गये 40 परीक्षा केंद्र

Updated at : 16 Feb 2026 6:55 PM (IST)
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आज से होगी मैट्रिक की परीक्षा, जिले में बनाये गये 40 परीक्षा केंद्र

परीक्षा को कदाचारमुक्त, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सुरक्षा से लेकर निगरानी तक के पुख्ता इंतजाम किए हैं.

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– 29 हजार 234 परीक्षार्थी परीक्षा में होंगे शामिल – 17 परीक्षा केंद्रों पर 15 हजार 283 छात्रा व 23 परीक्षा केंद्रों पर 13 हजार 951 छात्र देंगे परीक्षा – परीक्षा के सफल संचालन हेतु वीक्षकों की हो रही प्रतिनियुक्ति सुपौल जिले में मैट्रिक परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई है. जिले भर के 40 परीक्षा केंद्रों पर 17 फरवरी मंगलवार से मैट्रिक की परीक्षा प्रारंभ होगी, जो 25 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी. परीक्षा को कदाचारमुक्त, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सुरक्षा से लेकर निगरानी तक के पुख्ता इंतजाम किए हैं. चारों अनुमंडलों में बनाए गए परीक्षा केंद्र मैट्रिक परीक्षा के लिए जिले के चारों अनुमंडलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं. कुल 40 केंद्रों में सुपौल अनुमंडल में सर्वाधिक 18 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. वहीं वीरपुर अनुमंडल में 11, त्रिवेणीगंज अनुमंडल में 06 और निर्मली अनुमंडल में 05 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं. इन केंद्रों में छात्रों के लिए 23 और छात्राओं के लिए 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. 29 हजार 234 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में जिले से कुल 29 हजार 234 परीक्षार्थी शामिल होंगे. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा संचालन को सुचारू बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. परीक्षा केंद्र में प्रवेश को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से आधा घंटा पूर्व तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा. केंद्र में प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री परीक्षा कक्ष में न पहुंच सके. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जूता-मोजा प्रतिबंधित कदाचार पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. इसके साथ ही परीक्षार्थियों के जूता और मोजा पहनकर आने पर भी रोक रहेगी. परीक्षार्थियों को केवल साधारण चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में आने की अनुमति होगी. प्रशासन द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों के 100 गज की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. इस दायरे में अनावश्यक भीड़, समूह बनाकर खड़े होने और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक रहेगी. परीक्षा अवधि के दौरान फोटोस्टेट और साइबर कैफे जैसी दुकानों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए है. इसके लिए पदाधिकारियों को संयुक्त आदेश जारी कर सतर्कता बरतने को कहा गया है. दो पालियों में होगी परीक्षा मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी. पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक होगी. एक दिन में केवल एक ही विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी, ताकि परीक्षार्थियों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े. परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 17 फरवरी से मातृभाषा विषय की परीक्षा के साथ परीक्षा की शुरुआत होगी. 18 फरवरी को दो पालियों में गणित की परीक्षा आयोजित की जाएगी. 19 फरवरी को द्वितीय भारतीय भाषा, 20 फरवरी को सामाजिक विज्ञान, 21 फरवरी को विज्ञान की परीक्षा होगी. 23 फरवरी को अंग्रेजी (सामान्य), 24 फरवरी को ऐच्छिक विषय और 25 फरवरी को व्यवसायिक ऐच्छिक विषय की परीक्षा ली जाएगी. मैट्रिक परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम व एसपी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण – कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण परीक्षा के दिए निर्देश सुपौल मैट्रिक परीक्षा 2026 के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी सावन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस ने मध्य विद्यालय खरैल, पुनर्वास स्थित परीक्षा केंद्र का संयुक्त निरीक्षण किया. वहां की तैयारियों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की गहन जांच की. साथ ही पेयजल की उपलब्धता, शौचालयों की स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति की निरंतरता, परीक्षार्थियों के बैठने की समुचित व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार से अवलोकन किया. अधिकारियों ने केंद्राधीक्षक एवं संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि परीक्षा से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं. ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने केंद्राधीक्षक को निर्देशित किया कि परीक्षा संचालन से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वहीं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा अवधि के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी और असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. साथ ही उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्र के आसपास नियमित गश्त की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधि को रोका जा सके. कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य परीक्षार्थियों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, जिससे वे बिना किसी दबाव या भय के परीक्षा दे सकें.

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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