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फल-फूल रहा अवैध लॉटरी का धंधा, मजदूर तबके की गाढ़ी कमाई हो रही बर्बाद, प्रशासन बना मुकदर्शक

Updated at : 24 Mar 2025 6:19 PM (IST)
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फल-फूल रहा अवैध लॉटरी का धंधा, मजदूर तबके की गाढ़ी कमाई हो रही बर्बाद, प्रशासन बना मुकदर्शक

जिसके चलते कोई भी अधिकारी इसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा रहा है.

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सुपौल जिले में इन दिनों अवैध लॉटरी कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है. खासकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार और चौक-चौराहों पर खुलेआम लॉटरी टिकट बेचे जा रहे हैं. इसका सबसे बुरा असर गरीब और मजदूर तबके के लोगों पर पड़ रहा है, जो दो वक्त की रोटी के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन लॉटरी के लालच में अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं. लॉटरी संचालक और विक्रेता मालामाल हो रहे हैं, जबकि गरीब तबके के लोग कर्ज में डूबते जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस अवैध धंधे की पूरी जानकारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस को है, लेकिन कार्रवाई करने के नाम पर सभी चुप हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि लॉटरी माफिया बाकायदा सेटिंग कर अपना धंधा चला रहे हैं. रोजाना हजारों रुपये का खेल चलता है और मजबूरी में फंसे मजदूर अपनी मजदूरी का बड़ा हिस्सा लॉटरी में गंवा रहे हैं. कई परिवार आर्थिक तंगी और कर्ज में डूबते जा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. यह भी बताया जा रहा है कि लॉटरी के इस अवैध कारोबार में कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं, जिसके चलते कोई भी अधिकारी इसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा रहा है. स्थानीय सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध लॉटरी पर तुरंत रोक लगाई जाए और गरीब तबके को इस जाल से बाहर निकाला जाए. साथ ही अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. चाय, पान, होटल व किराना दुकान से की जाती है बिक्री अवैध रूप से लॉटरी टिकट की बिक्री पटेल चौक के समीप चाय, पान, होटल व किराना दुकान से की जाती है. इसके लिए सुबह से ही लोग टिकट खरीदने के लिए पहुंच जाते हैं. इतना ही नहीं इस गौरखधंधे में जमीन माफिया भी लगे हुए हैं. पर्दा के पीछे से यह दुकानदारों से संबंध स्थापित कर अपने कारोबार को बढ़ा रहे हैं. होगी कार्रवाई : एसडीएम एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने कहा कि शहर अथवा ग्रामीण क्षेत्र में अगर अवैध रूप से लॉटरी का कारोबार किया जा रहा है तो इसके रोकथाम के लिए सभी थानाध्यक्ष को ऐसे जगहों को चिन्हित कर कार्रवाई करने को कहा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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