10 हजार रुपये मानदेय किये जाने की रखी मांग राघोपुर. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोप गुट) के निर्णयानुसार मानदेय, प्रोत्साहन राशि में वृद्धि सहित अन्य मांगों की पूर्ति के लिए आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जारी हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रांगण में अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 2023 में 02 दिवसीय हड़ताल के क्रम में आशा कार्यकर्ता, फैसिलेटरों का मासिक मानदेय राशि 1000 से बढ़ाकर 2500 रुपया करने का निर्णय लिया गया था. लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बावजूद भी उसे लागू नहीं किया गया. कहा कि आशा कार्यकर्ता दिन रात एक कर सरकार व आमजन के प्रति कार्य में तत्पर रहती है. बावजूद सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के प्रति सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. कहा कि अपने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के सभी आशा कार्यकर्ता 20 से 24 मई तक हड़ताल पर रहेगी. कहा कि उनलोगों के प्रमुख मांगों में मानदेय को बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने, पिछले छह माह से लंबित मानदेय का भुगतान अविलंब किया जाने, पिछला सारा बकाया का भुगतान करते हुए पोर्टल व्यवस्था में सुधार करने, रिटायरमेंट की उम्र सीमा 65 वर्ष करने, सेवा निवृत्ति के समय 10 लाख का रिटायरमेंट पैकेज दिए जाने सहित अन्य मांग शामिल है. बताया कि जब तक हमलोगों के मांगों को सरकार द्वारा नहीं मांग लिया जाता, हमलोगों का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा. मौके पर आशा संघ की प्रखंड अध्यक्ष अंजना कुमारी, कोषाध्यक्ष रौशनी देवी, कंचन देवी, रत्ना भट्टाचार्य, पप्पी देवी, प्रतिभा सिंह, सुमित्रा देवी, गुलाब देवी, उषा कुमारी, मंजु कुमारी, गीता देवी, बुलंती देवी, कौशल्या देवी, सीता देवी, शमिमा खातून, जूही खातून सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रही.
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