ईपीएफ घोटाले पर किसान सलाहकार संघ का फूटा गुस्सा
Published by : RAJEEV KUMAR JHA Updated At : 02 Jun 2026 5:50 PM
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कथित घोटाले ने किसान सलाहकारों की वर्षों की जमा पूंजी और उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है
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– दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
सुपौल
कृषि विभाग, सुपौल में सामने आए कथित ईपीएफ घोटाले को लेकर बिहार राज्य किसान सलाहकार संघ ने कड़ी नाराजगी जतायी है. संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार ने मामले को शर्मनाक, अमानवीय और किसान सलाहकारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है.
डॉ अमन कुमार ने कहा कि जिले के 158 किसान सलाहकारों के वेतन से काटी गयी करीब 1.20 करोड़ रुपये की ईपीएफ राशि का गबन किया गया है. ब्याज और अन्य वित्तीय नुकसान को जोड़ने पर किसान सलाहकारों को लगभग 2.5 करोड़ रुपये की क्षति हुई है. उन्होंने कहा कि यह राशि किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं, बल्कि किसान सलाहकारों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई है.उन्होंने कहा कि ईपीएफ कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार होता है, लेकिन इस कथित घोटाले ने किसान सलाहकारों की वर्षों की जमा पूंजी और उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है.दोषियों से हो वसूली, भेजा जाये जेल
डॉ अमन कुमार ने आरोप लगाया कि इस कथित घोटाले में लेखापाल हर्ष रंजन सहित विभाग के कुछ कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत रही है. उन्होंने मांग की कि मामले में संलिप्त सभी लोगों से गबन की गयी राशि की पूरी वसूली की जाये तथा दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाये.उच्चस्तरीय जांच की मांग
संघ ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. साथ ही जिला पदाधिकारी, कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है. संघ ने दोषी पाये जाने वाले कर्मियों और अधिकारियों की चल एवं अचल संपत्तियां जब्त कर गबन की गयी राशि किसान सलाहकारों को लौटाने की भी मांग की है.क्या है मामला
संघ के अनुसार, सुपौल जिले के 158 किसान सलाहकारों के वेतन से वर्षों से काटी गयी ईपीएफ राशि संबंधित खाते में जमा नहीं की गयी. आरोप है कि करीब 1.20 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया गया, जिससे किसान सलाहकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गयी है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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