ePaper

खरना के साथ चैती छठ का अनुष्ठान शुरू, 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखेंगी व्रती

Updated at : 02 Apr 2025 5:58 PM (IST)
विज्ञापन
खरना के साथ चैती छठ का अनुष्ठान शुरू, 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखेंगी व्रती

खरना के दिन व्रतियों द्वारा शाम में पूजा अर्चना के बाद गुड़ की खीर आदि प्रसाद का ग्रहण किया

विज्ञापन

सुपौल. जिले में चार दिवसीय चैती छठ महापर्व प्रारंभ हो गया है. मंगलवार को नहाय खाय के साथ छठ पूजा का प्रारंभ हुआ. बुधवार को खरना पूजा का आयोजन किया गया. खरना के दिन व्रतियों द्वारा शाम में पूजा अर्चना के बाद गुड़ की खीर आदि प्रसाद का ग्रहण किया. इसके साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ हो गया. महापर्व के तीसरे दिन गुरुवार की संध्या अस्ताचलगामी एवं चौथे दिन शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य देव को अर्घ्य देकर पर्व व उपवास की समाप्ति होगी. मालूम हो कि हिंदू पंचांग के अनुसार साल में दो बार छठ का पर्व मनाया जाता है. पहला चैत्र मास में और दूसरा कार्तिक मास में मनाया जाता है. इस पर्व में सूर्य की उपासना के साथ उनकी बहन छठी माता की पूजा करने का विधान है. खरना का महत्व चैती छठ के दूसरे दिन खरना होता है. इस दिन व्रती सुबह स्नान आदि करके पूरे दिन व्रत रखकर भगवान सूर्य की पूजा करती हैं. इसके बाद शाम को पूजा के लिए गुड़ की खीर के साथ रोटी बनाई जाती है. इस प्रसाद की खास बात यह है कि इसे मिट्टी के बनाए गए नए चूल्हे में आम की लकड़ी को जलाकर प्रसाद बनाया जाता है. इसके साथ ही इसे मिट्टी या फिर पीतल के बर्तन में पकाया जाता है. भगवान सूर्य को भोग लगाने के लिए इस प्रसाद को केले के पत्ते में रखा जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJEEV KUMAR JHA

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन