फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का पांचों सेंट्रीफ्यूगल पंप चालू, अभियंताओं में खुशी

Published at :05 Mar 2025 6:27 PM (IST)
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फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का पांचों सेंट्रीफ्यूगल पंप चालू, अभियंताओं में खुशी

बिहार में बाढ़ के प्रभाव को कम करना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शीर्ष प्राथमिकता रही है

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वीरपुर. बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग का वीरपुर स्थित फिजिकल मॉडलिंग सेंटर में बुधवार की शाम मॉडल ट्रे के लिए तैयार किये गए सभी पांच मोटर पंप को सफलता पूर्वक चालू कर दिया गया. इस कार्य से जल संसाधन विभाग के अभियंताओं में खुशी देखी जा रही है. इस फिजिकल मॉडलिंग सेंटर की स्थापना से कोसी सहित बिहार की प्रमुख नदियों की बाढ़ से सुरक्षा की योजनाओं को शीघ्रता से पूरा कराने में मदद मिलेगी तथा कटाव एवं अन्य जोखिम से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा. यह सेंटर नदियों के हाइड्रॉलिक गुणों के अध्ययन के क्षेत्र में केंद्रीय जल एवं शक्ति अनुसंधान स्टेशन, पुणे के बाद देश का दूसरा विशिष्ट संस्थान है. बिहार में बाढ़ के प्रभाव को कम करना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शीर्ष प्राथमिकता रही है. वर्ष 2008 में कोसी नदी में आयी भीषण बाढ़ यानी कुसहा त्रासदी के बाद से ही सीएम नीतीश कुमार का इस बात पर जोर था कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए राज्य के संसाधनों को और विकसित किया जाय व अत्याधुनिक तकनीक को अपनाया जाय. वीरपुर में फिजिकल मॉडलिंग सेंटर स्थापित करने की जल संसाधन विभाग की महत्वाकांक्षी योजना का कार्यारंभ खुद मुख्यमंत्री ने अगस्त 2020 में किया था. मई 2022 में उन्होंने वीरपुर जाकर निर्माणाधीन सेंटर का स्थल निरीक्षण भी किया था और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये थे. इस सेंटर की स्थापना का मुख्य उद्देश्य कोसी एवं अन्य प्रमुख नदियों के हाइड्रॉलिक गुणों जैसे – जल की गुणवत्ता, नदी के बहाव की प्रवृत्ति, गाद का श्रेणीकरण के साथ-साथ बराज, तटबंध, स्पर आदि के निर्माण और पुरानी धार को पुनर्जीवित करने से क्षेत्र में पड़ने वाले प्रभाव इत्यादि का अध्ययन कराना है. नदियों के बहाव की प्रवृत्ति और उसमें गाद की मात्रा एवं प्रकृति के अध्ययन एवं निष्कर्ष के आधार पर ही बराज, डैम, तटबंध एवं अन्य विकास परियोजनाओं की अभियांत्रिक रूपरेखा तैयार की जाती है. अब पुणे की बजाय वीरपुर में ही इस तरह का अध्ययन होने से खर्च और समय की बचत होगी. बिहार के पड़ोसी राज्य भी इस विशिष्ट सेंटर में अपने यहां की नदियों का अध्ययन करा सकेंगे. इस मौके पर फिजिकल मॉडलिंग सेंटर क़े डाइरेक्टर ई निखिल कुमार, जल संसाधन विभाग क़े जल निःसंरण एवं बाढ़ नियंत्रण क़े चीफ इंजीनियर वरुण कुमार, अधीक्षण अभियंता संजय कुमार, शीर्ष कार्य प्रमंडल के एक्सक्यूटिव इंजीनियर बबन पाण्डेय, कई एसडीओ व जेई मौजूद थे.

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