स्वच्छता अभियान नहीं, राष्ट्रव्यापी आंदोलन
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :13 Oct 2016 1:43 AM
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जल व स्वच्छता का है समाज से घनिष्ठ संबंध सुपौल : स्वच्छता खुशहाल जीवन की आधारशिला है. प्रत्येक परिवार के उपयोग के लिए शौचालय हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये. यह अभियान नहीं व्यवहार परिवर्तन के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन है. जिस आंदोलन में सभी देश भक्त को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए. उक्त बातें सदर प्रखंड अंतर्गत […]
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जल व स्वच्छता का है समाज से घनिष्ठ संबंध
सुपौल : स्वच्छता खुशहाल जीवन की आधारशिला है. प्रत्येक परिवार के उपयोग के लिए शौचालय हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये. यह अभियान नहीं व्यवहार परिवर्तन के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन है. जिस आंदोलन में सभी देश भक्त को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए. उक्त बातें सदर प्रखंड अंतर्गत लौकहा मेला परिसर में 11 अक्तूबर दुर्गापूजा के अवसर पर संपूर्ण स्वच्छता अभियान, लोहिया स्वच्छता योजना, निर्मल भारत अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छता महोत्सव 2016, स्वच्छ ग्राम सुंदर, निर्मल ग्राम पंचायत तथा भारत सरकार के सपना को साकार करने के उद्देश्य से बाबा बैद्यनाथ चौघारा ट्रस्ट द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘शौचालय हमारी शान’ के मंचन के अवसर पर नाटक रचयिता सह लोहिया यूथ ब्रिगेड के प्रदेश संयोजक डॉ अमन कुमार ने कही.
डॉ कुमार ने कहा कि शौचालय निर्माण के मसले पर सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित है. लेकिन लोगों को समुचित जानकारी नहीं रहने के कारण ऐसे अभियान को गति नहीं मिल रही है. राष्ट्रीय इस त्योहार में सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों परिवार उपस्थित होते हैं. बीबीसी ट्रस्ट द्वारा किये जा रहे इस आयोजन से हजारों परिवारों को उक्त अभियान की जानकारी हासिल होगी.
स्वच्छता है जहां जिंदगी है वहां: बीबीसी ट्रस्ट के संस्थापक सचिव स्वाति साधना ने कहा कि एक ग्राम मानव मल में दस लाख वायरस, एक लाख बैक्टीरिया, एक हजार परजीवी सिस्ट व सौ परजीवी अंडे पाये जाते है. स्वच्छ भारत के लिए दिल और दिमाग से जुड़कर जमीनी पर कार्य करने की आवश्यकता है. स्वच्छता है जहां, जिंदगी है वहां. सांस्कृतिक निदेशक रामविलाश यादव ने कहा कि गंदगी के कारण 80 प्रतिशत लोग बीमार पड़ते हैं.
हर साल विश्व भर में 2.8 करोड़ लोग बीमार तथा प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोगों की मृत्यु हो रही है. कलाकर प्रकाश कुमार लालू ने कहा कि खाने से पहले और शौच के बाद साबुन या ताजा राख से हाथ धोने से व्यक्ति 40 प्रतिशत बीमारी से बच सकते हैं. पंसस अरविंद प्रसाद ने कहा मानव मल सबसे बड़ा जैविक खाद का श्रोत है. स्वच्छता बेहतर जिंदगी जीने का तरीका है. मुखिया प्रतिनिधि संतोष चौधरी ने कहा कि साफ-सुथरा रहना मनुष्य का प्राकृतिक गुण है.
कलाकार कल्पना देवी ने कहा कि स्वच्छता का संबंध खान-पान, वेश-भूषा और आसपास से है. कलाकार अशोक यादव ने कहा कि अभियान के तहत देश में लगभग 11 करोड़ 11 लाख शौचालय निर्माण के लिए एक लाख 34 हजार करोड़ रुपया खर्च किये जायेंगे. 62 हजार करोड़ से शहरों में पांच लाख दस हजार पब्लिक शौचालय बनाने में खर्च होने. संस्था के द्वारा गांधी जयंती 21 सितंबर से 26 नवंबर 2016 विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस तक स्वच्छता महोत्सव मनाया जायेगा. मौके पर सुभाष कुमार, शंभु यादव, फूलेंद्र यादव, रोशन कुमार, महिंद्र यादव, श्याम यादव, राजीव कुमार यादव आदि उपस्थित थे.
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