प्रभात पड़ताल: बदहाली की मार से जूझ रहा रेफरल अस्पताल
प्रभात पड़ताल: बदहाली की मार से जूझ रहा रेफरल अस्पताल फोटो-11,12.कैप्सन- रेफरल अस्पताल, अस्पताल के एनबीसीसी कक्ष में खराब पड़े उपकरण प्रतिनिधि, त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र के करीब साढ़े तीन लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए मुख्यालय में स्थापित रेफरल अस्पताल बदहाल है.इस अस्पताल में चिकित्सक व समुचित संसाधन का घोर अभाव है. […]
प्रभात पड़ताल: बदहाली की मार से जूझ रहा रेफरल अस्पताल फोटो-11,12.कैप्सन- रेफरल अस्पताल, अस्पताल के एनबीसीसी कक्ष में खराब पड़े उपकरण प्रतिनिधि, त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र के करीब साढ़े तीन लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए मुख्यालय में स्थापित रेफरल अस्पताल बदहाल है.इस अस्पताल में चिकित्सक व समुचित संसाधन का घोर अभाव है. जिसके कारण गंभीर रोगियों को बाहर के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है. संसाधन के अभाव में मौजूद चिकित्सक द्वारा रोगियों का महज प्राथमिक उपचार ही किया जाता है. जरा सा भी स्थिति गंभीर रहने पर उन्हें तत्काल रेफर कर दिया जाता है. नहीं हैं स्पेसलिस्ट चिकित्सक कहने को इस रेफरल अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है और ना ही किसी सर्जन की पदस्थापना की गयी है. भारी आबादी के बावजूद अस्पताल में एक भी महिला चिकित्सक नहीं हैं. जिसके कारण गंभीर व स्त्री रोगों का इलाज यहां नहीं हो पाता है. अस्पताल में फिलवक्त अनुबंध पर बहाल 04 चिकित्सक कार्यरत हैं. जिसमें एक दंत चिकित्सक भी शामिल हैं. वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अलावा एक अन्य चिकित्सक नियमित श्रेणी के हैं. अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं रहने की वजह से बड़ी संख्या में इलाज के लिए आये बच्चों को भारी कष्ट का सामना करना पड़ता है. स्वास्थ्य कर्मियों का है अभाव रेफरल अस्पताल में एक भी ड्रेसर नहीं है और ना ही कंपाउंडर की बहाली की गयी है. आलम यह है कि जरूरत पड़ने पर इन कर्मियों की जिम्मेदारी पदस्थापित एएनएम व शल्य सहायक को निभाना पड़ता है. वहीं लैब तकनीशियन के नहीं रहने के कारण जांच का कार्य नहीं हो पाता है. अस्पताल को दो एंबुलेंस उपलब्ध है. जिसमें से मात्र एक का संचालन हो रहा है. जबकि दूसरा एंबुलेंस परिसर में खराब पड़ा है. बताया जाता है कि चालक व इएमटी नहीं रहने के कारण इसका परिचालन बंद है. अस्पताल में एक्सरे सुविधा भी नहीं है. लिहाजा लोगों को एक्सरे के लिए बाजार के निजी जांच घर में इसके लिए भारी -भरकम शुल्क अदा करना पड़ता है. संसाधन की कमी का खामियाजा भुगत रहे मरीज अस्पताल में एक एनबीसीसी कक्ष स्थापित है. लेकिन इसके उपकरण करीब एक वर्ष से खराब है. उपकरण को ठीक कराने में विभागीय लापरवाही बरती जा रही है. इस कक्ष में नवजात शिशु के लिए रेडियंट वार्मर, फोटो थेरेपी, न्युनेटल सेक्शन एवं आक्सीजन कांसनटेटल उपकरण तो लगे हैं. लेकिन इस सभी उपकरण खराब होने के कारण बेकार पड़े हैं. चिकित्सक व संसाधन का घोर अभाव है.जिस कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता है.इस समस्या से वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया गया है.शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जायेगा. डा इंद्र देव यादव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज
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