SIT का बड़ा एक्शन, जांच पूरी होने तक राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को अयोध्या छोड़ने पर रोक

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अयोध्या राम मंदिर

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या राम मंदिर में मिले दान में हेराफेरी के आरोपों के बाद, मंदिर ट्रस्ट की गुजारिश पर 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक SIT बनाई थी. SIT ने रविवार को लखनऊ रवाना होने से पहले यह निर्देश जारी किया.

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Ayodhya Ram Mandir News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के दान और वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बड़ा कदम उठाते हुए मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने रविवार को लखनऊ रवाना होने से पहले यह आदेश जारी किया, जिससे मामले की गंभीरता और जांच की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

SIT के आदेश से मची हलचल

सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों और जांच से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ सहित रोजाना की जांच रिपोर्ट डिजिटल रूप में सुरक्षित की जा रही हैं. रिपोर्ट को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने से पहले अंतिम रूप दिया जाएगा. एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट रोजाना मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज रही है. प्रारंभिक जांच में भगवान राम को चढ़ाए गए सोने, चांदी के आभूषणों, हीरे और अन्य कीमती पत्थरों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई है. “ट्रस्ट के पदाधिकारी सोने, चांदी और अन्य आभूषणों तथा कीमती पत्थरों से संबंधित रिकॉर्ड पर एसआईटी को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके.

एसआईटी की जांच में कई खुलासे के संकेत

सूत्रों के मुताबिक, सबसे बड़ी कथित अनियमितता कुंभ मेले के दौरान सामने आई, जब करीब दो महीने की अवधि में रोजाना लगभग 10 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे और दान पेटियां दो घंटे के भीतर ही नोटों से भर जाती थीं. एसआईटी की जांच केवल धन के कथित दुरुपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच में ट्रस्ट द्वारा अलग-अलग चरणों में की गई जमीन की खरीद और मंदिर के लिए निर्माण सामग्री की खरीद को भी शामिल किया गया है. ट्रस्ट ने बाजार भाव से लगभग 500 से 800 प्रतिशत अधिक कीमत पर करीब 71 एकड़ जमीन खरीदी है.

राजनीतिक दलों ने उठाया मुद्दा

समाजवादी पार्टी (सपा) और आम आदमी पार्टी (आप) समेत कई राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को उठाया था. उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर अयोध्या राम मंदिर में मिले दान के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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