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सड़कों पर रफ्तार बनी मौत का कारण: 120 दिनों में 48 की जान गई, 23 जख्मी

Updated at : 05 May 2025 6:53 PM (IST)
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सड़कों पर रफ्तार बनी मौत का कारण: 120 दिनों में 48 की जान गई, 23 जख्मी

बढ़ती सड़क सुविधाएं और अच्छी सड़कों ने जहां आवागमन को आसान बनाया है,

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– सबसे अधिक मार्च महीने में लोगों की हुई मौत – चार महीने में 18 लाख 20 हजार पांच सौ रुपये की हुई वसूली सुपौल जीवन के सबसे बड़े सत्य का नाम मृत्यु है जिसे कोई नहीं रोक सकता. यह ऐसा सत्य है जिसकी कल्पना मात्र से मरने वाला ही नहीं, बल्कि उसके परिजन की भी रूह कांप जाती है. यह मृत्यु तब और अधिक भयंकर हो जाती है जब किसी की असामायिक मृत्यु हो जाएं. जिले की तेज रफ्तार जिंदगी अब लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है. साल 2025 के पहले चार महीनों में सड़क हादसों में 48 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 23 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. जो न सिर्फ चौंकाने वाले हैं, बल्कि दिल दहलाने वाले भी हैं. बढ़ती सड़क सुविधाएं और अच्छी सड़कों ने जहां आवागमन को आसान बनाया है, वहीं रफ्तार का कहर अब जान लेने लगा है. तेज रफ्तार में वाहन चला रहे चालक अक्सर नियंत्रण खो बैठते हैं, जिससे भयानक हादसे हो रहे हैं. प्रशासन के मुताबिक, जनवरी में 13, फरवरी में 10, मार्च में 21 और अप्रैल में 14 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है. सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके सुपौल, किशनपुर, त्रिवेणीगंज, छातापुर, वीरपुर, भीमनगर, भीमपुर और भपटियाही थाना क्षेत्र इस संकट के सबसे अधिक प्रभावित इलाके हैं. इन क्षेत्रों में वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ हादसों में भी तेजी आयी है. हालांकि 2024 की तुलना में इस साल मौतों का आंकड़ा घटा है पिछले वर्ष जनवरी से अप्रैल के बीच 65 लोगों की मौत हुई थी. लेकिन घायलों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है. 2024 में जहां 28 लोग जख्मी हुए थे, वहीं 2025 में अब तक यह संख्या 23 तक पहुंच गई है. रफ्तार की कीमत इंसानी जान यह आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं हैं हर संख्या के पीछे एक परिवार उजड़ गया, एक मां ने अपना बेटा खोया, एक बच्चा अनाथ हुआ. यह स्थिति चेतावनी है कि अब भी समय है, जागने का, सतर्क होने का. जानकारों की माने तो सिर्फ प्रशासन को ही नहीं आम लोगों को भी इसके लिए जागरूक होने की जरूरत है. आम नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम है. कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, और रफ्तार पर नियंत्रण यही जीवन को सुरक्षित बना सकते हैं. चलाया जा रहा वाहन चेकिंग अभियान : एसपी एसपी शैशव यादव ने बताया कि इस साल अब तक 23 लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए हैं. सड़क दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. अभियान के दौरान वाहन चालकों से तेज गति से वाहन नहीं चलाने की भी अपील की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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