स्कूली बच्चे सुरक्षित, दहशत बरकरार

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फोटो -20कैप्सन- भवन से बाहर मैदान में बैठीं कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं.प्रतिनिधि, सुपौलप्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर बच्चों के प्रति सहृदयता दिखायी.भूकंप का पहला झटका जब मंगलवार को आया, अधिकांश विद्यालयों में छुट्टी हो चुकी थी.कई विद्यालयों में हड़ताल की वजह से पठन-पाठन भी ठप है.वहीं कुछ निजी विद्यालयों में कक्षाएं चल भी रही […]

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फोटो -20कैप्सन- भवन से बाहर मैदान में बैठीं कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं.प्रतिनिधि, सुपौलप्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर बच्चों के प्रति सहृदयता दिखायी.भूकंप का पहला झटका जब मंगलवार को आया, अधिकांश विद्यालयों में छुट्टी हो चुकी थी.कई विद्यालयों में हड़ताल की वजह से पठन-पाठन भी ठप है.वहीं कुछ निजी विद्यालयों में कक्षाएं चल भी रही थी, लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचा.गत माह भी आये भूकंप में स्कूली बच्चों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा था. जिला मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में मौजूद लगभग 40 छात्राएं भूकंप की वजह से डरी-सहमी दिखायी दी.हालांकि सभी बालिकाएं सुरक्षित थी.दहशत की वजह से वर्ग छह की छात्रा अंजलि रो रही थी, जिसे स्कूल की वार्डेन चुप कराने की कोशिश कर रही थी.कक्षा छह की ही छात्रा सकीना ने कहा कि पिताजी भूकंप के बाद मिलने आये थे.वहीं वर्ग सात की नाजनीन, नूतन और रूही प्रवीण ने बताया कि उनकी अपने घर मोबाइल से बातचीत हुई है.वे अब घर नहीं जाना चाहती है.डरी-सहमी छात्राएं विद्यालय परिसर स्थित मैदान में बैठी हुई एक -दूसरे से बातचीत कर संभवत: भय से निजात पाने की कोशिश कर रही थी.

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