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मात्र एक काउंटर है संचालित, एक बजे दिन तक ही लाइसेंस बनाने का होता है काम, लोग नाराज

Updated at : 13 Sep 2019 4:53 AM (IST)
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मात्र एक काउंटर है संचालित, एक बजे दिन तक ही लाइसेंस बनाने का होता है काम, लोग नाराज

सुपौल : केंद्र सरकार के निर्देश पर बिहार सरकार द्वारा पिछले 01 सितंबर से संपूर्ण बिहार में नये वाहन कानून के तहत वाहन चालकों के विरुद्ध शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. जिसका परिणाम है कि जिला परिवहन विभाग की ओर से गलत तरीके से बिना हेलमेट सहित जरूरी कागजातों के अभाव में वाहन चालकों […]

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सुपौल : केंद्र सरकार के निर्देश पर बिहार सरकार द्वारा पिछले 01 सितंबर से संपूर्ण बिहार में नये वाहन कानून के तहत वाहन चालकों के विरुद्ध शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. जिसका परिणाम है कि जिला परिवहन विभाग की ओर से गलत तरीके से बिना हेलमेट सहित जरूरी कागजातों के अभाव में वाहन चालकों से पूर्व से कई गुना जुर्माना की रकम वसूली कार्य जोर-शोर से चल रहा है.

इस परिवेश में जिला परिवहन कार्यालय में लाइसेंस बनाने हेतु अत्यधिक भीड़ बढ़ती जा रही है. गुरुवार को तो 10 बजे पूर्वाह्न ही परिवहन कार्यालय में लगभग 200 से अधिक लोग जमा थे. कार्यालय खुलते ही लोगों का हुजूम कार्यालय में स्थित काउंटर पर जमा हो गयी. भीड़ बढ़ते देख विभाग के कर्मचारियों ने गेट को बंद कर ताला जड़ दिया. आलम यह था कि गेट के बाहर भी भीड़ लगी हुई थी.
हर कोई अपना लाइसेंस जल्दी बनाने को बेताब थे. गेट बंद होने के कारण विभाग के कई कर्मी जिसे दफ्तर आने में देर हो गयी थी, उसे भी गेट के अंदर जाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा. गेट पर जमा भीड़ कर्मियों को भी अंदर जाने नहीं दे रहे थे.
मात्र एक काउंटर रहने से हो रही समस्या : उपस्थित लोग विभाग पर मनमानी का आरोप लगा रहे थे. उनका कहना था कि मात्र एक काउंटर से ही प्रतिदिन सैंकड़ों लोगों का लाइसेंस बनाने का कार्य किया जाता है. वहीं दिन के 01 बजे तक ही लाइसेंस बनाने का कार्य चलता है.
जब काउंटर का कार्य संभाल रही महिला कर्मी से जब पूछा गया तो वे विभाग को ही कोसते हुए कहने लगी कि एक महिला कितना काम करेगी. काफी प्रयास के बाद भी 60-70 लाइसेंस बना पाती है.
काउंटर बढ़ाने से ही समस्या का समाधान होगा. वहीं दूसरी ओर भीड़ में मौजूद लोगों ने बताया कि वे लोग दूर-दराज से सवेरे आते हैं. परन्तु समय पर काम नहीं होने पर निराश होकर लौटना पड़ता है. कई लोगों ने बताया कि लाइसेंस बनवाने के लिए विगत एक सप्ताह से कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं.
डीटीओ ने फोन पर नहीं की बात : इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी रजनीश लाल से मोबाइल पर बात करने की कोशिश की गयी तो रिंग होने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
अनुमंडल मुख्यालय में नहीं है प्रदूषण जांच केंद्र, शीघ्र खोलने की मांग
वीरपुर. नये मोटर वाहन अधिनियम के तहत दो पहिये और चार पहिये वाहनों के जांच के दौरान इन दिनों पुलिस के द्वारा प्रदूषण के कागजात भी मांगे जाने लगे हैं. जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पर रहा है. गौरतलब है कि नियमानुसार सभी पेट्रोल पंप के पास प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित रहना आवश्यक है.
लेकिन अनुमंडल मुख्यालय व आसपास के क्षेत्रों में एक भी प्रदूषण जांच केंद्र नहीं है. जिससे आमलोगों के बीच प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना की मांग की जाने लगी है. अनुमंडल मुख्यालय में पवन कुमार, बंटी सिंह, आनंद शर्मा, अजय मेहता, धीरेन्द्र पासवान, रमेश पासवान, राखी सिंह आदि लोगों ने अनुमंडल क्षेत्र में प्रदूषण जांच केंद्र खोलने की मांग की है.
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