नयी श्रम संहिता के विरोध में मजदूरों का प्रदर्शन
Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 24 Nov 2025 7:15 PM
भारत सरकार द्वारा लागू किये गये चार श्रम संहिता का बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने विरोध जताते हुए कानून की प्रतियां जलायी.नगर परिषद के गोदाम परिसर में मजदूरों ने संगठन के प्रदेश सचिव अमित शाह के अगुवाई में प्रदर्शन करते हुए कानून वापस लेने की मांग की.
प्रतिनिधि,सीवान. भारत सरकार द्वारा लागू किये गये चार श्रम संहिता का बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने विरोध जताते हुए कानून की प्रतियां जलायी.नगर परिषद के गोदाम परिसर में मजदूरों ने संगठन के प्रदेश सचिव अमित शाह के अगुवाई में प्रदर्शन करते हुए कानून वापस लेने की मांग की. प्रदेश सचिव ने कहा कि आज सरकार देश की मजदूरों कर्मचारियों के विरोध में कानून लाकर उनका शोषण कर रही है. एक तरफ ठेका प्रथा लागू कर के मजदूरों का शोषण व काम के अनुसार वेतन न देकर लगातार शोषण का बढ़ावा दिया जा रहा है.कामगारों और मेहनतकश जनता के भारी विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर दिया है. ये चार श्रम संहिताएं वेतन संहिता, 2019 ; व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्त संहिता, 2020 ; सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 ; और औद्योगिक संबंध संहिता, 2020- भले ही श्रम सुधार के नाम पर पेश की गयी हों पर ये अनिवार्य रूप से ऐसे औजार हैं जोव्यापार करने की सुगमता के आवरण के नीचे बड़े व्यवसाय और कॉरपोरेट हितों के मुनाफे के लिए आधुनिक गुलामी और शोषण को संहिताबद्ध करते हैं. ये संहिताएं औद्योगिक सुरक्षा अनुपालन, मजदूरी व हित की जरूरतों को भयानक रूप से शिथिल करती हैं और संगठन बनाने व सामूहिक कार्रवाई करने जैसे मजदूरों के अनथक संघर्षों से हासिल तमाम अधिकारों को प्रभावी तौर पर नेस्तनाबूद कर देती हैं. सुरक्षा उपायों और कल्याणकारी प्रावधानों को लागू करने के पैमाने को व्यवसाय के पक्ष में ऊपर कर दिया गया है, जो मजदूर वर्ग के बड़े हिस्से को बंधुआ मजदूरी जैसे हालात में धकेल देगा और श्रम के अनौपचारीकरण और ठेकाकरण की राह को और सुगम बना देगा. चार श्रम संहिताओं का उद्देश्य और लक्ष्य सुधार नहीं है बल्कि कॉरपोरेट मुनाफाखोरी को सुगम बनाने के लिए मजदूरों के अधिकार और सुरक्षा को छीनना है. श्रम शक्ति नीति 2025 को वापस लिए जाने की मांग को लेकर 26 नवंबर को प्रतिवाद मार्च निकालते हुए अवज्ञा दिवस के रूप में मनाया जायेगा.प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नगर परिषद में तैनात सफाई मजदूरों ने हिस्सा लिया.
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