जामो रोड में जलजमाव स्थायी समस्या

Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 31 Oct 2025 9:44 PM

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बड़हरिया प्रखंड मुख्यालय जनसुविधाओं से वंचित रहा है. जामो और थाना चौक जाम की समस्या से जूझता रहा है तो बड़हरिया बाजार का जामो रोड और बड़हरिया गांव में गोपालगंज रोड की पहचान जलभराव वाले इलाके के रुप में हो चुकी है

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प्रतिनिधि, बड़हरिया. बड़हरिया प्रखंड मुख्यालय जनसुविधाओं से वंचित रहा है. जामो और थाना चौक जाम की समस्या से जूझता रहा है तो बड़हरिया बाजार का जामो रोड और बड़हरिया गांव में गोपालगंज रोड की पहचान जलभराव वाले इलाके के रुप में हो चुकी है. इससे निजात को लेकर बाजारवासी कई बार आवाज उठा चुके हैं. विदित हो कि बड़हरिया-गोपालगंज मेन रोड में बड़हरिया टेलीफोन एक्सचेंज के पास,जामो रोड स्थित जामो चौक, ब्लॉक मोड़ व बीआरसी गेट के सामने हो रहे जलजमाव से आम यात्रियों, विद्यार्थियों, दुकानदारों के साथ ही शिक्षक-अधिकारियों की परेशानी बढ़ जाती है. विदित हो कि बुधवार से हो रही बारिश से जामो रोड, गोपालगंज रोड व बीआरसी गेट जलजमाव का शिकार हो गया है. इन तमाम जगहों पर जल निकासी की समुचित इंतजाम नहीं होने से यह जलजमाव की समस्या स्थायी बन चुकी है.जामो चौक व ब्लॉक मोड़ पर लगातार पानी लगने से सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है.वहीं नगर पंचायत के अधिकारी सहित तमाम पदाधिकारी इस पर मौन हैं. लोगों का कहना है कि मुहर्रम का पर्व आने वाला है व जलजमाव की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई. बताया जाता है कि जामो रोड में नाले की बेतरतीब व्यवस्था से हल्की बारिश में भी जामो रोड कीचड़मय हो जाता है. इसकी मुख्य वजह सड़क से बहुत ऊपर नाला का निर्माण बताया जाता है. जिसमें सड़क के पानी का नाले में जाने का सवाल ही नहीं उठता है. हल्की बारिश में भी यह सड़क नाले में तब्दील हो जाती है. इसका सबसेे दुष्प्रभाव हाइ स्कूल बड़हरिया सहित विभिन्न कोचिंग संस्थानों व प्राइवेट स्कूल आने-जाने वालेे छात्र-छात्राओं पड़ता है.खासकर नूराछपरा के ग्रामीणों के आवागमन पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. बताया जाता है कि जलनिकासी का परांपरागत मार्ग भर दिया गया है व बगल में बना नाला ऊंचाई पर है.ऐसे तो केनरा बैंक से पुराना सिनेमा हॉल उमेश टॉकिज तक जामो रोड शिकार कीचड़ से पट चुका है. इससे बाजारवासियों का जीना मुहाल हो गया है. सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर राम, दुकानदार शंकर यादव, डॉ रामेश्वर प्रसाद आदि का कहना है कि इस मार्ग में जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है. इसलिए वर्षा का पानी सड़क पर लग जाता है. इससे पहले जलभराव की हालत उत्पन्न हो जाती है व बारिश के बाद में सप्ताह भर बीआरसी आने-जाने वाले शिक्षकों, पदाधिकारियों, दुकानदारों व राहगीरों को कीचड़ का सामना करना पड़ता है.

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