महाराजगंज में जर्जर बिजली नेटवर्क बना मुसीबत, हल्की बारिश और हवा में घंटों ठप हो जाती है आपूर्ति

Author Afjal anwar|Edited by Vivek Ranjan
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महाराजगंज पावर सब स्टेशन | Prabhat Khabar Network

महाराजगंज अनुमंडल क्षेत्र में बिजली की समस्या गंभीर बनी हुई है. जर्जर बुनियादी ढांचे और रखरखाव की कमी के कारण मामूली बारिश या हवा चलने पर भी घंटों बिजली गुल हो जाती है. उपभोक्ताओं में गहरा रोष है.

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Siwan News: सीवान ग्रिड से पर्याप्त बिजली मिलने के बावजूद जर्जर बुनियादी ढांचे और नियमित रखरखाव के अभाव ने महाराजगंज अनुमंडल क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है. स्थिति यह है कि 33 हजार और 11 हजार वोल्ट की लाइनें मामूली बारिश या तेज हवा भी नहीं झेल पा रही हैं. नतीजतन शहरी, ग्रामीण, बसंतपुर और तरवारा फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है.

हल्की बूंदाबांदी या हवा का झोंका आते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है. कई बार यह कटौती एक-दो घंटे नहीं, बल्कि लगातार 8 से 12 घंटे तक बनी रहती है. वहीं महाराजगंज और दरौंदा प्रखंड के कई गांवों में बिजली 10 से 15 घंटे तक गुल रहने की शिकायत है.

कमजोर बुनियादी ढांचा बना बड़ी समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली पोल और तारों की जर्जर स्थिति के कारण बारिश होते ही इंसुलेटर पंक्चर होकर टूट जाते हैं और पोल के ब्रैकेट क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. मामूली मौसम खराब होने पर भी ग्रिड से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है. इसके बाद फॉल्ट का पता लगाने और मरम्मत में घंटों लग जाते हैं. कई बार सुबह आई खराबी देर रात तक ठीक नहीं हो पाती.

ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर से लो वोल्टेज की समस्या

क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों में ट्रांसफॉर्मर पर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण लो वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी हुई है. कई स्थानों पर 63 केवीए के एक ट्रांसफॉर्मर से तीन से चार गांवों के 100 से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली दी जा रही है. कई गांव ऐसे हैं, जहां तीन ट्रांसफॉर्मर की आवश्यकता है, लेकिन केवल एक ट्रांसफॉर्मर से ही आपूर्ति की जा रही है.

मेंटेनेंस पर खर्च, लेकिन समस्या जस की तस

उपभोक्ताओं का कहना है कि हर वर्ष बिजली लाइनों के रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिखता. तारों पर झुकी पेड़ों की डालियां और बांस के झुरमुट तक समय पर नहीं हटाए जाते, जिससे थोड़ी सी हवा चलने पर भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है.

दो ग्रिड से जुड़ने के बाद भी नहीं मिल रही राहत

महाराजगंज अनुमंडल मुख्यालय को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए सीवान ग्रिड और रिसौरा फीडर, दोनों से जोड़ा गया है. इसके बावजूद मामूली मौसम परिवर्तन के दौरान भी बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है. इससे उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.

क्या बोले बिजली एसडीओ

बिजली एसडीओ दिलीप कुमार ने बताया कि सीवान ग्रिड से महाराजगंज पावर सबस्टेशन की दूरी लगभग 25 किलोमीटर और रिसौरा से करीब 15 किलोमीटर है. लंबी लाइन खेतों और बगीचों से होकर गुजरती है. तेज हवा के दौरान पेड़ों की डालियां तारों पर गिरने से ब्रैकेट टूट जाते हैं, इंसुलेटर पंक्चर हो जाते हैं और कई बार बिजली पोल भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. इसी कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती है और मरम्मत में समय लगता है.

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