ePaper

दाहा की सफाई का मामला उलझा डीपीआर में

Updated at : 09 Feb 2026 8:07 PM (IST)
विज्ञापन
दाहा की सफाई का मामला उलझा डीपीआर में

मलिन होकर नाले का शक्ल ले चुकी दाहा नदी को बचाने की मुहिम आगे बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन नदी के सीमांकन कार्य में जुटा हुआ है.उधर नदी की सफाई समेत सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर तैयार डीपीआर पर आगे की कार्रवाई को लेकर परस्पर विरोधी जवाब से मामला उलझता नजर आ रहा है.

विज्ञापन

प्रतिनिधि,सीवान. मलिन होकर नाले का शक्ल ले चुकी दाहा नदी को बचाने की मुहिम आगे बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन नदी के सीमांकन कार्य में जुटा हुआ है.उधर नदी की सफाई समेत सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर तैयार डीपीआर पर आगे की कार्रवाई को लेकर परस्पर विरोधी जवाब से मामला उलझता नजर आ रहा है. सूचना के अधिकार के तहत मांगी गयी जानकारी में एक वर्ष पूर्व जहां गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग के पास फाइल लंबित होने की बात कही गयी थी,वहीं एक वर्ष बाद एक बार फिर उसी विभाग की योजना व मोनिटरिंग इकाई ने अपनी जिम्मेदारी से हाथ खिंचते हुए डीपीआर की प्रगति से अनभिज्ञता जतायी है.जिससे फाइलों के विभागीय खेल में नदी के बेहतर भविष्य की संभावना पर सवाल उठने लगा है. अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रयाग कुमार ने दाहा नदी के दोनों तरफ अतिक्रमण मुक्त करने तथा नदी की सफाई करवाकर सौंदर्यीकरण कार्य करवाने संबंधित डीपीआर के प्रगति की सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी.इस क्रम में आयुक्त, सारण प्रमंडल, सारण-सह-प्रथम अपीलीय प्राधिकार के संतोषजनक जवाब नहीं देने पर द्वितीय अपीलवाद जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के समक्ष दायर किया.इसके जवाब में कहा गया कि दाहा नदी की सौंदर्यीकरण कार्य तथा गाद सफाई हेतु गंडक-दाहा-घाघरा नदी जोड़ योजना का विस्तृत योजना प्रतिवेदन तैयार हुआ था. जिसकी प्राक्कलित राशि 16537.32 लाख है, जिसमें दाहा नदी की सफाई का कार्य भी सम्मिलित है. गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग को भेजा गया है.जिसकी अनुशंसा के बाद योजना को सलाहकार समिति जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के समक्ष भेजा जायेगा. इसके ठीक एक वर्ष बाद एक बार फिर सामाजिक कार्यकर्ता प्रयाग कुमार को सूचना के अधिकार के तहत जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय सह लोक सूचना पदाधिकारी कुणाल ने भेजे गये जवाब में कहा है कि वांछित सूचना इस कार्यालय के क्षेत्राधिकार में नहीं पड़ता है. इसका जवाब अधीक्षण अभियंता सह लोक सूचना पदाधिकारी बाढ़ नियंत्रण योजना एवं मोनिटरिंग अंचल जल संसाधन विभाग पटना को देने के लिये पत्राचार किया है.इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता प्रयाग कुमार ने कहा कि जल संसाधन विभाग की अलग अलग इकाई के परस्पर विरोधी जवाब से यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि जिला प्रशासन द्वारा भेजे गये डीपीआर की प्रगति क्या है.ऐसे में नदी के सफाई को लेकर जिला स्तरीय प्रस्ताव जल संसाधन विभाग की फाइल में उलझ कर रह गयी है.

विज्ञापन
DEEPAK MISHRA

लेखक के बारे में

By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन