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कार्यपालक सहायक की सेवा समाप्त

Updated at : 14 Feb 2026 7:05 PM (IST)
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कार्यपालक सहायक की सेवा समाप्त

लंबे समय से चल रहे विवाद, शिकायतों और विभागीय जांच के बाद कार्यपालक सहायक रंजीत कुमार शर्मा की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है. उन पर आदेशों की अनदेखी करने, अपने स्तर से काम करने और कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी. लगातार सामने आ रही रिपोर्टों और अभिलेखों की समीक्षा के बाद अंततः यह कड़ा कदम उठाया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना, वित्तीय अनियमितता, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता के आरोपों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है.अभी वह दरौली प्रखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्त थे.

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प्रतिनिधि, सीवान. लंबे समय से चल रहे विवाद, शिकायतों और विभागीय जांच के बाद कार्यपालक सहायक रंजीत कुमार शर्मा की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है. उन पर आदेशों की अनदेखी करने, अपने स्तर से काम करने और कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी. लगातार सामने आ रही रिपोर्टों और अभिलेखों की समीक्षा के बाद अंततः यह कड़ा कदम उठाया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना, वित्तीय अनियमितता, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता के आरोपों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है.अभी वह दरौली प्रखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्त थे. मामले को गंभीर मानते हुए इसे सख्त कार्रवाई बतायी जा रहा है. जानकारी के अनुसार कार्यपालक सहायक रंजीत कुमार शर्मा को 29 अक्टूबर 2024 को प्रशासनिक दृष्टिकोण से प्रखंड कार्यालय लकड़ी नबीगंज में प्रतिनियुक्त किया गया था. इसके बावजूद वे बिना अनुमति नगर परिषद सीवान में लंबे समय तक कार्य करते रहे. इस संबंध में जिला प्रशासन को विभिन्न माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया और नगर परिषद में रहते हुए वित्तीय गड़बड़ियों में संलिप्त रहे. प्रशासन ने 9 जनवरी को उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था. आरोप था कि उन्होंने बिना अनुमति पुनः नगर परिषद में कार्य किया और विभागीय नियमों की अनदेखी की. उनके द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया और उसे अस्वीकार कर दिया गया. इसी बीच पांच जनवरी को नगर परिषद की ओर से उनके विरुद्ध महादेवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. प्राथमिकी में विभिन्न योजनाओं का कार्यादेश फर्जी तरीके से जारी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है. मामले की प्रशासनिक जांच के क्रम में 7 फरवरी को नगर कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि रंजीत कुमार शर्मा ने नगर परिषद में योगदान के लिए अपनी निजी संचिका की मांग की थी, लेकिन बाद में उसे वापस नहीं किया. वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी दरौली ने 16 जनवरी को प्रतिवेदन भेजकर बताया कि वे 6 जनवरी से लगातार अनधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित हैं. इसे भी सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया. प्रशासन ने अपने आदेश में 26 फरवरी 2019 को जारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि असंतोषजनक सेवा, अनुशासनहीनता अथवा अन्य गंभीर कारणों की स्थिति में नियुक्ति प्राधिकार को सेवा समाप्त करने का अधिकार है. सभी तथ्यों, प्राप्त शिकायतों, विभागीय रिपोर्ट और स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने रंजीत कुमार शर्मा, कार्यपालक सहायक (सम्प्रति प्रतिनियुक्त प्रखंड कार्यालय, दरौली) की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया.

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DEEPAK MISHRA

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By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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