सीवान सदर अस्पताल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्था की पोल, सुरक्षा से लेकर इलाज और कैशबुक तक मिली खामियां

मॉडल सदर अस्पताल | Prabhat Khabar Network
सीवान सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की जांच में गंभीर खामियां सामने आई हैं. सिविल सर्जन ने औचक निरीक्षण में सुरक्षा, इमरजेंसी सेवा, मरीजों की देखभाल और वित्तीय अभिलेखों में लापरवाही पाई. एक सप्ताह के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है.
Siwan News: सीवान सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की जांच के दौरान कई खामियां सामने आई हैं. सिविल सर्जन डॉ. श्री निवास प्रसाद ने गुरुवार की शाम करीब 4:30 बजे अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, इमरजेंसी सेवाओं, मरीजों की चिकित्सकीय देखभाल और वित्तीय अभिलेखों की स्थिति की जांच की गई. कई स्तर पर लापरवाही मिलने के बाद सिविल सर्जन ने अस्पताल अधीक्षक को एक सप्ताह के भीतर कमियां दूर कर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया.
मुख्य द्वार पर नहीं मिला सुरक्षा गार्ड
निरीक्षण के दौरान मॉडल अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं मिला. सिविल सर्जन ने इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य द्वार पर 24 घंटे रोस्टर के अनुसार सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
इमरजेंसी के बेड पर ऑक्सीजन व्यवस्था खराब
इमरजेंसी कक्ष की जांच में बेड संख्या 5 और 8 के ऑक्सीजन फ्लो मीटर टूटे मिले. वहीं, बेड संख्या 7 के फ्लो मीटर में पानी निर्धारित मात्रा से कम पाया गया. सिविल सर्जन ने सभी बेड के ऑक्सीजन उपकरणों की जांच कर आवश्यक मरम्मत और उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
मरीज का समय पर नहीं हुआ चिकित्सकीय राउंड
निरीक्षण के दौरान बेड संख्या 6 पर भर्ती 61 वर्षीय मरीज ललिता देवी, निवासी बढ़ेया, का शाम 4:30 बजे तक चिकित्सक द्वारा राउंड नहीं किया गया था. मरीज का ईसीजी भी नहीं कराया गया था. इस पर सिविल सर्जन ने नाराजगी जताई और चिकित्सकों को प्रतिदिन वार्ड में नियमित राउंड करने का निर्देश दिया.
प्रसव कक्ष में भी भर्ती मरीजों का नियमित चिकित्सकीय राउंड नहीं होने के कारण समय पर डिस्चार्ज नहीं किए जाने की बात सामने आई. सिविल सर्जन ने मरीजों की स्थिति के अनुसार समय पर चिकित्सकीय निर्णय लेने और अनावश्यक रूप से अस्पताल में भर्ती नहीं रखने का निर्देश दिया.
कैशबुक भी नहीं मिली अपडेट
वित्तीय अभिलेखों की जांच के दौरान भी लापरवाही सामने आई. एनएचएम की कैशबुक 18 नवंबर 2025 तक ही अपडेट मिली, जबकि रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की कैशबुक 23 अप्रैल 2026 तक ही अद्यतन थी. सिविल सर्जन ने दोनों कैशबुक को 15 दिनों के भीतर पूरी तरह अपडेट कर उनके समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
एक सप्ताह में सुधार की रिपोर्ट मांगी
निरीक्षण के अंत में सिविल सर्जन ने अस्पताल अधीक्षक को सभी कमियों को एक सप्ताह के भीतर दूर करने का निर्देश दिया. साथ ही, की गई कार्रवाई की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
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