बदलते मौसम में बढ़ा चमकी बुखार का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया जनजागरण अभियान
Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 04 Jun 2026 4:30 PM
हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना करते आइसीएमओ डॉ प्रभात कुमार व अन्य
Siwan News : लालाहाता समेत संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान, लोगों को किया जा रहा जागरूक
बड़हरिया (सीवान) से आनंद मिश्र की रिपोर्ट
Siwan News : चमकी बुखार (एइएस) के बढ़ते खतरों और बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. इसी क्रम में बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक विशेष जागरुकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर प्रखंड के चिह्नित गांवों की ओर रवाना किया गया. इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रभात कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक अंजनी कुमार, बीएचडब्ल्यू स्मृतिरंजन वर्मा आदि ने मस्तिष्क ज्वर से लोगों को चमकी बुखार के लक्षणों से आगाह करने वाले जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस प्रचार वाहन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में चमकी बुखार के प्रति व्यापक जागरुकता फैलाना और जन-समुदाय को बचाव के उपायों से अवगत कराना है. इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि जागरुकता वाहन प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र के लालाहाता, श्यामपुर, जगन्नाथ पुर, राछोपाली आदि क सुदूरवर्ती गांवों में भ्रमण करेगा.
तेज बुखार, सिरदर्द और सुस्ती को न करें नजरअंदाज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
साथ ही, चमकी बुखार यानी मस्तिष्क ज्वर से बचाव और लोगों को जागरूक करने के लिए निकला यह जागरूकता प्रचार रथ गांव-गांव, गली-मोहल्लों, नुक्कड़ों और प्रमुख चौक-चौराहों पर जाकर लोगों को मस्तिष्क ज्वर (चमकी बुखार) के लक्षणों, उससे बचाव के उपाय और समय पर अस्पताल पहुँचने के महत्व के बारे में जानकारी दी गयी. जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को धूप से बचाव के तहत बच्चों को चिलचिलाती धूप में बाहर न निकलने देने, बच्चों को रात में भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाने, खाली पेट कच्ची या अधपकी लीची बिल्कुल न खाने देने और हाइड्रेशन होने पर बच्चों को ओआरएस या नमक-चीनी का घोल देते रहने की सलाह दी जा रही है डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर शून्य से 15 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों व किशोरों को अपनी चपेट में लेता है. गर्मी के दौरान इन लक्षणों को काफी गंभीरता से लेने की जरूरत है,जिसमें तेज बुखार, सिर दर्द, गर्दन में अकड़न, उल्टी होना, सुस्ती, भूख कम लगना आदि लक्षण दिखते ही तुरंत सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श लेने की जरूरत है.
एक दशक पुराने एईएस मामले के बाद लालाहाता क्षेत्र पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर
यदि बच्चे को तेज बुखार, झटके या चमकी आने जैसे लक्षण दिखें, तो बिना समय गंवाए नजदीक के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,बड़हरिया में जरुर लायें. एइएस के मद्देनजर इस सीएचसी बड़हरिया में मच्छरदानी युक्त दो बेडों का एइएस वार्ड बनाया गया है,जहां इससे संबंधित तमाम दवाओं के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. उन्होंने बताया कि एक दशक पूर्व लालाहाता में एइएस का एक मामला सामने आया था,इसलिए हमारी प्रथम प्राथमिकता वही क्षेत्र है. बताया कि प्रचार वाहन के माध्यम से वीडियो, ऑडियो संदेश और जागरूकता सामग्री दिखाकर लोगों को गर्मी और लू से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक दर्पण ऐप के माध्यम से प्रतिदिन चार से छह बजे अहले सुबह अपनी हाजिरी बनाकर इसका अहसास कराते हैं कि वे एइएस मरीजों की सेवा के लिए निरंतर तत्पर हैं.इस मौके पर लिपिक मिंटू राम,नीलोत्तम कुमार, विकास कुमार, दिलीप कुमार, सलीत अहमद सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.
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