सीवान: सांसद के लेटर पैड के दुरुपयोग के आरोप में डीईओ कार्यालय का लिपिक निलंबित, फर्जी हस्ताक्षर मामले की होगी जांच

Author Vivek Pandey|Edited by Vivek Ranjan
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सांसद और लेटर की तस्वीर

सांसद और लेटर की तस्वीर

Saran News: सीवान में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के लिपिक रंजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है. उन पर सांसद के लेटर पैड और फर्जी हस्ताक्षर के दुरुपयोग का गंभीर आरोप है. मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

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Siwan News: (मनीष गिरी) सांसद के लेटर पैड और कथित फर्जी हस्ताक्षर के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय के तत्कालीन निम्न वर्गीय लिपिक रंजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है. सारण प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) संजय कुमार ने यह कार्रवाई डीईओ की अनुशंसा और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की है. निलंबन के साथ मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.

डीईओ की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

आरडीडीई द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि डीईओ, सीवान ने लिपिक रंजय कुमार के विरुद्ध प्रपत्र 'क' के तहत आरोप पत्र गठित करते हुए प्रतिकूल एवं अमर्यादित आचरण, कार्यकलाप और अवैध भुगतान से जुड़े आरोपों को प्रमाणित मानते हुए कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी.

सांसद ने लगाया फर्जी हस्ताक्षर और लेटर पैड के दुरुपयोग का आरोप

मामले में स्थानीय सांसद विजयलक्ष्मी देवी ने भी शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि रंजय कुमार ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए तथा सांसद के लेटर पैड का दुरुपयोग किया. सांसद ने संबंधित कर्मी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की थी.

स्पष्टीकरण नहीं देने पर निलंबन

विभाग की ओर से आरोपित लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्होंने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया. विभाग ने इसे आरोपों की गंभीरता के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की.

डायट सोनपुर बनाया गया मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान रंजय कुमार का मुख्यालय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सोनपुर (सारण) निर्धारित किया गया है. उन्हें बिहार सरकारी सेवक नियमावली के प्रावधानों के अनुसार जीवनयापन भत्ता दिया जाएगा, जो मुख्यालय से प्राप्त उपस्थिति विवरणी के आधार पर संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा भुगतान किया जाएगा.

45 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

विभागीय जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज को संचालन पदाधिकारी तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सीवान को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया है. आरडीडीई ने जांच पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि आरोप पत्र निर्गत होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर विधिवत जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें. वहीं आरोपित कर्मचारी को आरोप पत्र प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर साक्ष्यों सहित अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है.

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Vivek Pandey

लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने Aryabhatta Knowledge University, Patna से BJMC की पढ़ाई की है.

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 टीवी चैनल से की. इसके बाद News India, News18 Digital सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग का अनुभव प्राप्त किया.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं. यहां बिहार की राजनीति, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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