सीवान में धान की खेती की तैयारी तेज, 1 लाख 774 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य, किसानों के लिए वरदान बना रोहिणी नक्षत्र

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Siwan Agriculture News

बिचड़ा गिराने के लिए खेत तैयार करता किसान

Siwan Agriculture News: खरीफ मौसम की सबसे महत्वपूर्ण फसल धान की खेती के लिए किसान तेजी से नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं. कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में एक लाख 774 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है.

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सीवान से मनीष गिरी की रिपोर्ट
Siwan Agriculture News: रोहिणी नक्षत्र में हुई अच्छी बारिश ने सीवान जिले के किसानों के चेहरे खिला दिए हैं. खरीफ मौसम की सबसे महत्वपूर्ण फसल धान की खेती के लिए किसान तेजी से नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं. कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में एक लाख 774 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि धान की नर्सरी के लिए 10,077.40 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है.

रोहिणी नक्षत्र की बारिश से बढ़ा किसानों का उत्साह

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की नर्सरी तैयार करने के लिए रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र सबसे उपयुक्त माने जाते हैं. वर्तमान में ज्येष्ठ माह चल रहा है और 8 जून तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा. इसके बाद सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेगा. हाल के दिनों में हुई बारिश ने किसानों का मनोबल बढ़ाया है और खेतों में धान की नर्सरी लगाने का काम तेज हो गया है.

10,077 हेक्टेयर में नर्सरी लगाने का लक्ष्य

जिला कृषि कार्यालय के अनुसार इस वर्ष धान की नर्सरी लगाने का लक्ष्य 10,077.40 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है. अब तक जिले में 486.84 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की नर्सरी लगाई जा चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 4.83 प्रतिशत है. कृषि विभाग का कहना है कि लंबी अवधि वाली धान की किस्मों का बिचड़ा गिराने का यह सबसे उपयुक्त समय है.

नहरें सूखी, बोरिंग के सहारे हो रही तैयारी

हालांकि बारिश के बावजूद किसानों को कई जगहों पर बोरिंग का सहारा लेना पड़ रहा है. नहरों में पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण धान की नर्सरी तैयार करने में सिंचाई की चुनौती बनी हुई है. इसके बावजूद किसान खरीफ सीजन की तैयारी में पूरी तरह जुटे हुए हैं.

आधुनिक खेती अपनाने पर कृषि विभाग का जोर

जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि खरीफ मौसम में उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित खेती अपनाने की सलाह दी जा रही है. विभिन्न प्रखंडों में खरीफ महाभियान चलाया जा रहा है तथा पंचायत स्तर पर चौपाल लगाकर किसानों को जीरो टिलेज, सीड ड्रिल और पैडी ट्रांसप्लांटर जैसी तकनीकों की जानकारी दी जा रही है.

सीधी बुआई और श्रीविधि खेती पर विशेष फोकस

कृषि विभाग किसानों को धान की सीधी बुआई और श्रीविधि (SRI Method) से खेती के लिए भी जागरूक कर रहा है. विभाग का मानना है कि बदलते मौसम और मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए तकनीकी आधारित खेती ही भविष्य का बेहतर विकल्प है. इससे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है.

जिले में अब भी परंपरागत खेती का दबदबा

सीवान जिले के अधिकांश किसान अभी भी पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते हैं. पहले नर्सरी तैयार की जाती है और बाद में खेतों में रोपाई की जाती है. हालांकि कृषि विभाग लगातार किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित कर रहा है.

इन प्रखंडों में सबसे अधिक धान खेती का लक्ष्य

धान उत्पादन लक्ष्य के अनुसार रघुनाथपुर (8626.50 हेक्टेयर), बड़हरिया (9986.90 हेक्टेयर), जीरादेई (6733.61 हेक्टेयर), सीवान सदर (6488.08 हेक्टेयर) और गोरेयाकोठी (6345 हेक्टेयर) प्रमुख प्रखंडों में शामिल हैं, जहां बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाएगी.

अच्छी बारिश से बढ़ी बेहतर पैदावार की उम्मीद

रोहिणी नक्षत्र में हुई वर्षा को किसान शुभ संकेत मान रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहा तो इस बार जिले में धान उत्पादन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है. किसानों को समय पर नर्सरी तैयार करने और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की सलाह दी गई है.

  • प्रखंडवर लक्ष्य (हेक्टे. में)-
  • प्रखंड लक्ष्य
  • आंदर 4307.00
  • बड़हिरया 9986.90
  • बसंतपुर 2744.00
  • भगवानपुर हाट 6189.18
  • दरौली 5926.50
  • दरौंदा 5612.00
  • गोरेयाकोठी 6345.00
  • गुठनी 4044.80
  • हसनपुरा 5198.31
  • हुसैनगंज 5326.00
  • लकड़ी नबीगंज 2753.00
  • महाराजगंज 5412.00
  • मैरवा 2737.00
  • नौतन 2959.00
  • पचरूखी 5594.00
  • रघुनाथपुर 8626.50
  • सिसवन 3790.81
  • सीवान 6488.08
  • जीरादई 6733.61
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साक्षी कुमारी

लेखक के बारे में

By साक्षी कुमारी

साक्षी पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. साक्षी सीवान की रहने वाली हैं. उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, जनसंचार और समाचार लेखन की बारीकियों का अध्ययन किया. स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखी और वर्तमान में नौकरी के साथ-साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग, समाचार संकलन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की व्यावहारिक समझ विकसित की. इस दौरान उन्होंने समाचारों के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीखा.

इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. जहां करीब तीन वर्षों तक डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहीं. इस दौरान उन्होंने राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों पर काम किया. News4Nation में कार्यरत रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज की. चुनावी राजनीति, मतदाताओं के व्यवहार, राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक खबरों को अधिक सटीकता, तथ्यों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने की विशेषज्ञता प्रदान की.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी समझ है, जिसके अनुरूप वह खबरों को इस प्रकार तैयार करती हैं कि वे पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और खोज इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, उसकी त्वरित कवरेज और कम समय में सटीक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

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