सर्वर डाउन, पेंशनधारी काट रहे सीएससी का चक्कर
Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 03 Jan 2026 9:51 PM
सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को पिछले करीब 10 दिनों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रखंड में सीएससी पर ई-केवाईसी एवं जीवन प्रमाण-पत्र सत्यापन का सर्वर लगातार बाधित रहने के कारण बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारी बार-बार केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
गुठनी. सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को पिछले करीब 10 दिनों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रखंड में सीएससी पर ई-केवाईसी एवं जीवन प्रमाण-पत्र सत्यापन का सर्वर लगातार बाधित रहने के कारण बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारी बार-बार केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. प्रखंड के 14 हजार 7 सौ 25 पेंशनधारी इस समस्या से प्रभावित हैं. सर्वर ठप रहने से इ-केवाइसी और जीवन प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे पेंशन भुगतान पर भी संकट मंडरा रहा है. तकनीकी दावे, लेकिन जमीनी हकीकत अलग- विभागीय स्तर पर दावा किया गया था कि पेंशनधारियों की सुविधा के लिए सीएससी और वसुधा केंद्रों पर इ-केवाइसी और जीवन प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गई है, ताकि लाभुकों को दिक्कत न हो. लेकिन हकीकत यह है कि सर्वर की लगातार समस्या के कारण केंद्रों पर भीड़ बढ़ती जा रही है और तकनीकी दावे खोखले साबित हो रहे हैं. सीएससी संचालकों का कहना है कि लाभुकों की गुस्सा और नाराजगी सीधी उन पर निकल रही है, जबकि सर्वर की समस्या उनके नियंत्रण से बाहर है. भीषण ठंड में बुजुर्ग और असहाय पेंशनधारियों को बार बार केंद्रों तक जाने में परेशानी- भीषण ठंड के बीच बुजुर्ग और असहाय पेंशनधारी घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं. कई लाभुक सुबह से केंद्रों पर पहुंच जाते हैं, लेकिन सर्वर डाउन होने की सूचना मिलने पर निराश होकर लौटना पड़ता है. मैरीटार गांव निवासी पेंशन लाभुक लक्ष्मीना देवी, शोभा देवी और सुगंबर कुर्मी ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं. हर बार उन्हें सर्वर डाउन होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है. बलुआ के रामभरोस ने कहा कि भीषण ठंड में बुजुर्ग और असहाय पेंशनधारियों के लिए बार-बार केंद्र तक आना बेहद मुश्किल है. लाभुकों की चिंता यह भी हैं कि अगर नए साल में भी केवाईसी पूरी नहीं हुई तो पेशन भुगतान में और देरी हो सकती है. नगर पंचायत के जुल्फेकार अली ने कहा कि जरूरत इस बात की है कि विभाग तकनीकी समाधान को प्राथमिकता दे,
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