सड़क के निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

महाराजगंज को बसंतपुर से जोड़ने वाली मुख्य सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब जांच की प्रक्रिया तेज हो गई है. वर्षों से जर्जर पड़ी इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण पर करीब 27 करोड़ 82 लाख रुपये की बड़ी राशि खर्च की जा रही है. सड़क निर्माण की शुरुआत से ही अनियमितता और गुणवत्ता में कमी की शिकायतें सामने आ रही थीं,
प्रतिनिधि, सीवान. महाराजगंज को बसंतपुर से जोड़ने वाली मुख्य सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब जांच की प्रक्रिया तेज हो गई है. वर्षों से जर्जर पड़ी इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण पर करीब 27 करोड़ 82 लाख रुपये की बड़ी राशि खर्च की जा रही है. सड़क निर्माण की शुरुआत से ही अनियमितता और गुणवत्ता में कमी की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने ग्रामीण कार्य विभाग से शिकायत की थी. इसके बाद विभागीय स्तर पर जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई. 21 किलोमीटर लंबा है सड़क मार्ग ग्रामीण कार्य विभाग के माध्यम से लगभग 21 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. यह मार्ग महाराजगंज, भगवानपुर हाट, बसंतपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. सड़क के जर्जर होने के कारण आम लोगों, स्कूली बच्चों, मरीजों और व्यवसायियों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. ऐसे में नई सड़क से लोगों को बेहतर सुविधा की उम्मीद थी, लेकिन घटिया निर्माण की आशंका ने चिंताओं को बढ़ा दिया है. विभागीय जांच और सैंपल कलेक्शन शिकायत के आलोक में ग्रामीण कार्य विभाग की जांच टीम महाराजगंज और भगवानपुर हाट प्रखंड पहुंची. टीम ने चार अलग-अलग स्थानों से गुणवत्ता परीक्षण के लिए नमूने एकत्रित किए. जांच टीम में मुजफ्फरपुर से आए मुख्य अभियंता चंद्रहास, अधीक्षण अभियंता राम विनय सिंह सहित अन्य तकनीकी अधिकारी शामिल थे. टीम ने महाराजगंज एसडीओ कार्यालय, महुआरी मोड़ और गजियापुर के समीप सड़क के कुछ हिस्सों को तोड़कर सैंपल लिए. जांच टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही संवेदकों और निर्माण एजेंसियों में हड़कंप मच गया. दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई निर्माण कार्य का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है, इसलिए जांच के नतीजे बेहद अहम माने जा रहे हैं. एकत्रित किए गए नमूनों को प्रयोगशाला भेज दिया गया है, जहां तकनीकी मानकों के अनुरूप इनकी जांच की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, लैब रिपोर्ट आने के बाद विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी जाएगी. यदि मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित संवेदक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई पर संतोष जताया है. हालांकि, सहायक अभियंता का दावा है कि कार्य मानकों के अनुरूप ही कराया जा रहा है और जांच टीम ने प्राथमिक तौर पर कार्य को सही पाया है. अब सबकी निगाहें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं.
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