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एसी खराब होने से नवजातों की परेशानियां बढ़ी

Updated at : 03 May 2024 9:21 PM (IST)
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एसी खराब होने से  नवजातों की परेशानियां बढ़ी

सदर अस्पताल के एसएनसीयू के एसी खराब होने से मरीजों भर्ती नवजात बच्चों की परेशानियां बढ़ गई है.

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सीवान.सदर अस्पताल के एसएनसीयू के एसी खराब होने से मरीजों भर्ती नवजात बच्चों की परेशानियां बढ़ गई है.गर्मी के मौसम में पारा जब 43 डिग्री को पर कर चुका है.उस स्थिति में एसएनसीयू का टेंपरेचर मानक के अनुसार 24 डिग्री मेंटेन नहीं हो पा रहा है.टेंपरेचर मेंटेन नहीं होने से एसएनसीयू में लगे कीमती उपकरणों के खराब होने की आशंका है. स्वास्थ्य कर्मियों की शिकायत पर कुछ दिन पहले अस्पताल प्रबंधक द्वारा मैकेनिक से जांच कराई गई.मैकेनिक द्वारा बताया गया की एसएनसीयू में 10 एसी लगाए गए हैं.सभी चल तो रहें हैं.लेकिन नौ एसी से कूलिंग नहीं हो रहा है.उसे रिपेयर करना पड़ेगा. बताया जाता है कि छह माह पहले ही एसएनसीयू के एसी को ठंड के समय में मरम्मत कराया गया था. गर्मी के शुरु होते ही एसी काम करना बंद कर दिया है. 12 नवजात बच्चे भर्ती है सदर अस्पताल के एसएनसीयू में सदर अस्पताल के एसएनसीयू में अभी 12 बच्चें भर्ती है. सदर अस्पताल के एसएनसीयू में गरीब मरीजों के परिजनों को अपने नवजात बच्चों के इलाज कराने में काफी राहत होती है.सदर अस्पताल के अलाव निजी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती कर इलाज किया जाता है.सदर अस्पताल के एसएनसीयू में निजी अस्पतालों से भी अच्छी व्यवस्था है तथा प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा बच्चों का इलाज किया जाता है.एसएनसीयू में बच्चों का इलाज सही ढंग से होने के कारण यहां से बहुत कम बच्चों को ही हायर सेंटर रेफर किया जाता है.निजी अस्पतालों में इस तरह के इलाज के लिए एक दिन का खर्च ही 2 से 4 हजार रुपए तक आता है. अधिकांश मामलों में नवजात बच्चों को कम से कम 5 से 6 दिन तक भर्ती करना पड़ता है. 6 दिन भी नवजात को रखना पड़ा तो 12 से 15 हजार रुपए फीस चुकानी पड़ती है. गरीब परिवारों के लिए ऐसी नौबत आने पर आर्थिक समस्या खड़ी हो जाती है.सदर अस्पताल में यह इलाज पूरी तरह से मुफ्त मिल रहा है. क्या कहते हैं जिम्मेदार एसएनसीयू का एसी खराब है.कूलिंग ठीक से नहीं हो रहा है.अस्पताल प्रबंधक को कहा गया है की जल्द ठीक कराएं. डॉ मोहम्मद इसराइल, अधीक्षक,सदर अस्पताल,सीवान

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