एफआरके आपूर्ति के लिए सीवान में नया आपूर्तिकर्ता

Edited by DEEPAK MISHRA
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सीवान सहित राज्य के कई जिलों में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की कमी से मिलिंग कार्य प्रभावित होने के मामले को बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने गंभीरता से लिया है. इसी मामले में निगम मुख्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यालय आदेश जारी किया गया है. आदेश के अनुसार खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए एफआरके आपूर्ति की व्यवस्था को सुचारु करने के लिए एक अतिरिक्त आपूर्तिकर्ता को नये जिलों से संबद्ध किया गया है.

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प्रतिनिधि, सीवान. सीवान सहित राज्य के कई जिलों में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की कमी से मिलिंग कार्य प्रभावित होने के मामले को बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने गंभीरता से लिया है. इसी मामले में निगम मुख्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यालय आदेश जारी किया गया है. आदेश के अनुसार खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए एफआरके आपूर्ति की व्यवस्था को सुचारु करने के लिए एक अतिरिक्त आपूर्तिकर्ता को नये जिलों से संबद्ध किया गया है. जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में कई जिलों में एफआरके की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध नहीं रहने के कारण चावल मिलों में मिलिंग का कार्य बाधित चल रहा है. इस समस्या को देखते हुए एमएस कोल्हुआ एस्टेट वेयरहाउस को पूर्व से आवंटित जिलों के साथ-साथ अतिरिक्त जिलों में भी एफआरके आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस आपूर्तिकर्ता को पहले से पटना, नालंदा, नवादा और वैशाली जिले आवंटित थे, जबकि अब सीवान और सारण (छपरा) को अतिरिक्त रूप से संबद्ध किया गया है.निगम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि संबंधित आपूर्तिकर्ता अपने नाम के समक्ष अंकित सभी जिलों में आवश्यकता के अनुसार समय पर एफआरके की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे ताकि अतिरिक्त आवंटित जिलों में मिलिंग का कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा कराया जा सके. यह आदेश निगम के मुख्य महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) द्वारा जारी किया गया है. होगी उच्चस्तरीय जांच इधर, बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन ने ही एफआरके आपूर्ति में हो रही अनियमितताओं को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है. निगम मुख्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि चयनित आपूर्तिकर्ताओं द्वारा चावल मिलों से अनुचित मांग की जा रही है और जानबूझकर आपूर्ति में देरी कर कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही है.इन शिकायतों को गंभीर मानते हुए निगम के प्रबंध निदेशक ने उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है. गौरतलब है कि मिलरों और पैक्स समितियों के अध्यक्षों की शिकायत पर दूसरी बार जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा था.पत्र में उन्होंने आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ मिली शिकायतों का उल्लेख करते हुए जिले से किसी नए सप्लायर को संबद्ध करने का अनुरोध किया था. जिलाधिकारी ने अपने पत्र में बताया था कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद वर्तमान सप्लायर मांग के अनुरूप एफआरके की आपूर्ति नहीं कर रहे हैं.एफआरके की कमी के कारण जिले की राइस मिलों में चावल तैयार करने की गति काफी धीमी हो गई थी. जिसका सीधा असर सरकार की विकेंद्रीकृत अधिप्राप्ति व्यवस्था पर पड़ रहा था.निगम के आदेश के अनुसार जिले में एफआरके आपूर्ति से जुड़ी गड़बड़ियों की गहन जांच की जिम्मेदारी सतर्कता पदाधिकारी ललन प्रसाद को सौंपी गई है. जांच के दौरान राइस मिलों में एफआरके आपूर्ति के बदले की जा रही कथित अवैध मांग, आपूर्तिकर्ताओं द्वारा की जा रही देरी और नियमों के उल्लंघन की पड़ताल की जाएगी. जांच अधिकारी मौके पर जाकर शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज करेंगे.

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