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हड़ताल पर गये नगर परिषद के सफाईकर्मी

Updated at : 28 Feb 2026 9:44 PM (IST)
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हड़ताल पर गये नगर परिषद के सफाईकर्मी

होली और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के बीच शहर की सफाई व्यवस्था शनिवार को पूरी तरह चरमरा गई, नगर परिषद सीवान के सफाईकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल के कारण नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर दिनभर ताला लटका रहा और शहर के 45 वार्डों में सफाई कार्य ठप रहा.

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प्रतिनिधि, सीवान. होली और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के बीच शहर की सफाई व्यवस्था शनिवार को पूरी तरह चरमरा गई, नगर परिषद सीवान के सफाईकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल के कारण नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर दिनभर ताला लटका रहा और शहर के 45 वार्डों में सफाई कार्य ठप रहा. सड़कों, गलियों और प्रमुख चौक-चौराहों पर कूड़ा-कचरे का अंबार लग गया. जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. पहले ही दिन हड़ताल का असर पूरे शहर में साफ नजर आया.सुबह-सुबह सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आये और महादेवा रोड सहित अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किया. शांतिवट वृक्ष के समीप मुख्य सड़क पर कूड़े का ढेर लगा रहा. सफाई कार्य बंद रहने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. हड़ताल पर गये कर्मियों की मुख्य मांग इपीएफ और इएसआइसी की बकाया राशि का भुगतान है. कर्मियों का कहना है कि पूर्व में भी उन्होंने हड़ताल की थी. जिसे जिलाधिकारी के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद समाप्त किया गया था. उस समय कहा गया था कि 5 फरवरी को 90 लाख रुपये इपीएफ मद में भेजे जायेंगे तथा शेष राशि शीघ्र भुगतान की जाएगी. लेकिन कर्मियों का आरोप है कि अब तक एक भी रुपया उनके खाते में नहीं पहुंचा है.जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. सफाई कर्मियों के साथ-साथ एजेंसी के कर्मी भी हड़ताल में शामिल हैं. अंतर वेतन का भुगतान भी अब तक नहीं हुआ है- यूनियन नेताओं का आरोप है कि वास्तविक रूप से कम संख्या में कर्मी कार्यरत हैं, जबकि अधिक संख्या दिखाकर भुगतान की तैयारी की जा रही है. उनका कहना है कि नगर परिषद कर्मियों का बकाया भुगतान रोके जाने के बावजूद एजेंसी को भुगतान कर दिया गया, जिससे कर्मियों में आक्रोश और बढ़ गया है. यूनियन नेता अमित गोड़ ने कहा कि होली का पर्व नजदीक है और सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि पर्व से पूर्व कर्मियों को वेतन का भुगतान कर दिया जाये. बावजूद इसके फरवरी माह का वेतन अब तक नहीं मिला है. पंप ऑपरेटरों का चार माह का वेतन बकाया है, जबकि दैनिक और पेंशनधारी कर्मियों को दो माह से भुगतान नहीं हुआ है. इएसआइसी कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी वर्षों से लंबित बताई जा रही है. अंतर वेतन का भुगतान भी अब तक नहीं हुआ है, जिससे कर्मियों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. कहा कि सफाई कार्य हेतु कुल 465 मैनपावर उपलब्ध कराने का अनुबंध एजेंसी के साथ किया गया है. वास्तविक तैनाती इससे काफी कम है, जबकि कागजों में पूरी संख्या दर्शाकर भुगतान की प्रक्रिया चल रही है.कर्मियों ने इस आंकड़े की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी सत्यापन की मांग की है. जब तक उनका पूरा बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे कार्य पर वापस नहीं लौटेंगे- कार्यालय में ताला लटकने के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, नक्शा पास कराने, टैक्स जमा करने और ट्रेड लाइसेंस से जुड़े कार्यों के लिए आये लोगों को बिना काम कराये ही लौटना पड़ा.

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DEEPAK MISHRA

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DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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