टेक होम राशन वितरण में अनियमितता पर बिहार राज्य बाल संरक्षण आयोग ने की जांच

Published by : ALOK KUMAR Updated At : 15 Dec 2025 10:54 PM

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टेक होम राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद सोमवार को बिहार राज्य बाल संरक्षण आयोग की अन्वेषण अधिकारी सीमा सचान की टीम दरौंदा प्रखंड पहुंची.

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सीवान/ दरौंदा. टेक होम राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद सोमवार को बिहार राज्य बाल संरक्षण आयोग की अन्वेषण अधिकारी सीमा सचान की टीम दरौंदा प्रखंड पहुंची. इस दौरान टीम ने लगभग एक घंटे का वक्त क्षेत्र में गुजारा और तीन आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर पटना के लिए रवाना हो गयी.

आयोग की टीम के पहुंचने पर सीडीपीओ से लेकर एलएस, सेविका और सहायिका तक हरकत में आ गयीं. यह खास बात देखने को मिली कि जिन केंद्रों पर आमतौर पर सन्नाटा छाया रहता था, वहीं आज मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ कई बिंदुओं पर सुधार देखने को मिला. टीम ने सिरसांव पंचायत के सिरसांव मठिया वार्ड संख्या 10 स्थित सेक्टर 06 के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्र 59 पर निरीक्षण किया. इस दौरान टीम द्वारा बच्चों की उपस्थिति, टीएचआर पंजी, एफआरएस की स्थिति और अपार आइडी की जांच की गयी. निरीक्षण के दौरान सीडीपीओ सीमा कुमारी, एलएस संयोगिता कुमारी, सेविका रंजू देवी और सहायिका मौजूद रहीं. हालांकि, टीम को अन्य प्रखंड क्षेत्रों में भी जाना था, पर दरौंदा में एक घंटे गुजारने के बाद टीम पटना के लिए रवाना हो गयी.

डीएम के निर्देश पर प्रखंड स्तरीय जांच

डीएम विवेक रंजन मैत्रेय के निर्देश पर सोमवार को जिले के सभी प्रखंडों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच के लिए ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम पहुंची. इस जांच का उद्देश्य सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का भौतिक सत्यापन करना है. इसके बाद ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी.

अक्टूबर माह से अनाज नहीं पहुंचने की शिकायत

यह पूरा मामला तब गरमाया जब यह बात सामने आयी कि आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत बच्चों, गर्भवती महिलाओं समेत अन्य पात्रों को पुष्टाहार और खाद्यान्न सामग्री देने का आदेश होने के बावजूद अक्टूबर माह से केंद्रों को ये सामग्री नहीं मिल रही है. यह खुलासा तब हुआ जब पिछले डीएम डॉ आदित्य प्रकाश ने नवंबर माह का टेक-होम राशन 11 दिसंबर को वितरित कराने को कहा. इस वितरण के निरीक्षण की जिम्मेदारी वरीय अधिकारियों को सौंपी गयी. निरीक्षण में यह बात सामने आयी कि जिन प्रखंडों में वितरण का दावा किया गया था, वहां चावल उपलब्ध ही नहीं था. अधिकांश प्रखंडों में पिछले दो माह से चावल की सप्लाई बंद है. इस मामले की विस्तृत जानकारी के लिए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी तरणि कुमारी से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन उनका सरकारी नंबर रिसीव नहीं हुआ.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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