सीवान में उमस से लोग बेहाल, 33 डिग्री पर अटका पारा, हल्की से मध्यम बारिश के आसार

Updated:
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

सीवान में मौसम का मिजाज बदला है, लेकिन उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं. अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस है और 83% से अधिक आर्द्रता है. वहीं, धान की रोपनी लक्ष्य से काफी पीछे है.

विज्ञापन

Siwan News: सीवान में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. गुरुवार की सुबह आकाश में बादल छाने और तेज हवा चलने के साथ हुई. दिनभर बादलों और सूरज के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा, जिससे अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली. बाजारों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग पसीने और चिपचिपाहट से परेशान नजर आए. कई लोगों ने उमस के कारण घरों से बाहर निकलने से परहेज किया, जबकि जरूरी काम से निकले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिनभर बादल छाए रहने से तेज धूप का असर कम रहा, लेकिन हवा में 83 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हुई.

हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

मौसम विशेषज्ञ डॉ. तनवीर आजम ने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. हल्की बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बारिश होने की संभावना है. हालांकि इससे उमस भरी गर्मी से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है. अगले कुछ दिनों तक लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अत्यधिक गर्मी और उमस के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से धूप और गर्म वातावरण में बाहर न निकलने दें.

उमस बढ़ने से अस्पतालों में बढ़े मरीज

बढ़ती उमस का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है. सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में सर्द-गर्म, बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. मौसम में लगातार बदलाव के कारण वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है.

चिकित्सक डॉ. संजय गिरी ने बताया कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए. साफ और ताजा भोजन का सेवन करें तथा खान-पान में विशेष सावधानी बरतें. अधिक देर तक धूप में रहने से बचें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.

लक्ष्य के विरुद्ध केवल 25 फीसदी हुई धान की रोपनी

मानसून सक्रिय होने के बावजूद जिले में जरूरत के मुताबिक बारिश नहीं होने से धान की रोपनी प्रभावित हो रही है. कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले केवल 25 प्रतिशत क्षेत्र में ही धान की रोपनी हो सकी है.

जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने किसानों को सलाह दी है कि मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए खरीफ की वैकल्पिक फसलों की खेती करें. उन्होंने कहा कि बारिश नहीं होने की स्थिति में किसान अरहर, उड़द, मूंग, मक्का और तिल जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन और लाभ प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही मोटे अनाज की खेती भी किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है.

Also Read : शेखपुरा रहा बिहार का सबसे गर्म जिला, 37.7°C तापमान के बाद बारिश से मिली राहत




विज्ञापन
Himanshu Dwivedi

लेखक के बारे में

By Himanshu Dwivedi

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन