सीवान में सरयू नदी का कटाव तेज, किसानों की बढ़ी चिंता, बचाव कार्य और मुआवजे की मांग

Author Chandra Prakash|Edited by Vivek Ranjan
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ग्यासपुर गांव में हो रहा कटाव 1 लाल बाबू गुप्ता  2. गोखुल शर्मा  3. मुन्ना प्रजापति | Prabhat Khabar Network

ग्यासपुर गांव में हो रहा कटाव

सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से सीवान के गुठनी और दरौली प्रखंड में नदी का कटाव तेज हो गया है. सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है और गांवों पर भी खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल बचाव कार्य और मुआवजे की मांग की है.

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Siwan News: सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण गुठनी और दरौली प्रखंड के कई इलाकों में नदी कटाव शुरू हो गया है. समय रहते बचाव कार्य नहीं होने से हर वर्ष की तरह इस बार भी किसानों और नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग द्वारा समय पर आवश्यक तैयारियां नहीं किए जाने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

खतरे के निशान के करीब पहुंचा जलस्तर

जानकारी के अनुसार सरयू नदी का वर्तमान जलस्तर 60.13 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 60.82 मीटर है. जलस्तर में लगातार वृद्धि के साथ गुठनी और दरौली प्रखंड के कई इलाकों में कटाव तेज हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल नदी की कटान से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि बह जाती है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है. वहीं नदी किनारे बसे गांवों और मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है.

मुआवजा नहीं मिलने का लगाया आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कटाव से प्रभावित किसानों को आज तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है. उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित लापरवाही के कारण जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंच पाता. सरयू नदी के कटाव से गुठनी, गोहरुआ, श्रीकरपुर, योगियाडीह, तिरबलुआ, बलुआ, ग्यासपुर, मैरीटार, खड़ौली तथा दरौली प्रखंड के अमरपुर, केवटलिया, नरौली, दुबा और करमदहा समेत कई गांवों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है.

ग्यासपुर में कटावरोधी कार्य नहीं होने से नाराजगी

ग्यासपुर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि कई बार डीएम, डीडीसी, एसडीओ, बीडीओ, सीओ, सांसद, विधायक, प्रमुख, मुखिया और सरपंच को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में कटावरोधी कार्य करा दिया जाए तो गांव को बाढ़ और कटाव से काफी हद तक बचाया जा सकता है.

किसानों ने जताई चिंता

ग्रामीण लाल बाबू गुप्ता ने कहा कि कटाव लगातार बढ़ रहा है और समय रहते बचाव कार्य नहीं हुआ तो ग्यासपुर समेत आसपास के कई गांवों पर खतरा बढ़ जाएगा.

गोखुल शर्मा ने कहा कि सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में समा चुकी है और किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

मुन्ना प्रजापति ने कहा कि बरसात शुरू होते ही कटाव का डर बना रहता है. सरकार को जल्द तटबंध और कटावरोधी कार्य शुरू करना चाहिए.

ज्वाला साहनी ने बताया कि करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में नदी का कटाव हो रहा है और हर साल नुकसान बढ़ता जा रहा है.

राम अवतार मल्लाह ने कहा कि यदि जल्द बचाव कार्य नहीं हुआ तो आधा दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं.

लक्ष्मण यादव ने कहा कि हर साल उनकी खेती की जमीन नदी में समा जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया.

क्या बोले एक्सक्यूटिव इंजीनियर

जल संसाधन विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर मदन चंद चौधरी ने बताया कि ग्यासपुर क्षेत्र में कटाव की सूचना मिलते ही एसडीओ मोहम्मद अमजद अली और जेई शुभम सिंह को मौके पर भेज दिया गया है. विभागीय टीम पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करेगी. निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक और त्वरित कार्रवाई की जाएगी.

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