सारण: सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाएगी फायर सेफ्टी, कक्षा 6 से 12 तक के सिलेबस में होगी शामिल

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सरकारी विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 वीं के सिलेबस में शामिल होगा फायर सेफ्टी 

अब सरकारी स्कूलों में छात्रों को आग से बचाव और आपदा प्रबंधन के बारे में सिखाया जाएगा. कक्षा 6 से 12 तक के सिलेबस में फायर सेफ्टी को शामिल किया गया है.

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सीवान: सरकारी विद्यालयों में फायर सेफ्टी  को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा.गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में डीईओ को पत्र जारी किया है.इस नई व्यवस्था के अंतर्गत कक्षा 6 से 12 वीं तक के छात्रों को आग से बचाव, आपदा प्रबंधन और अग्निशमन उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी.शिक्षा मंत्रालय द्वारा  फायर सेफ्टी-ए गाइड फॉर स्टूडेंट नाम का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य छात्रों को आग लगने की घटनाओं के प्रति जागरूक बनाना और आपात स्थिति में सही तरीके से प्रतिक्रिया देना सिखाना है.

निर्देश के अनुसार स्थानीय अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों में बुलाया जाएगा.अग्निशमन सेवा व आपात सेवा विभाग के अधिकारी शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे.जिससे शिक्षक छात्रों को फायर सेफ्टी से जुड़ी जानकारी प्रभावी ढंग से दे सके.पाठ्यक्रम में फायर सेफ्टी का परिचय, आग के प्रकार, बिजली से लगने वाली आग के खतरे, बचाव के उपाय, आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियां और अग्निशमन उपकरणों के उपयोग जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल की गई है.

वही पाठ्यक्रम में फायर ट्रायंगल विषय को भी शामिल किया गया है. इसके तहत विद्यार्थियों को गर्मी,ईंधन और ऑक्सीजन के संबंध तथा आग लगने की प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा. साथ ही यह भी सिखाया जाएगा कि इन परिस्थितियों में आग को कैसे रोका और नियंत्रित किया जा सकता है.डीईओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सुरक्षित माहौल मिलने पर छात्र अधिक आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर सकेंगे.सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत पूर्व से ही विद्यार्थियों को फायर सेफ्टी की जानकारी दी जाती रही है.

कई बार मॉक ड्रिल के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों को आग से बचाव, सीपीआर तथा आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी का प्रशिक्षण भी दिया गया है. एलपीजी सिलेंडर में आग लगने या अन्य अग्निकांड की स्थिति में बचाव के उपायों का भी अभ्यास कराया गया है. इसके साथ ही छात्रों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी गई है.

स्कूलों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है. इसमें पर्याप्त वेंटिलेशन, आपातकालीन निकास द्वार, इमरजेंसी लाइटिंग, ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और नियमित सुरक्षा निरीक्षण जैसे प्रावधान शामिल है.


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Himanshu Dwivedi

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By Himanshu Dwivedi

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