सीवान में शराब तस्करी का नया जाल, माफिया 1000 रुपये के लालच में छात्राओं को बना रहे मोहरा

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सीवान में शराब तस्कर अब इंटर और स्नातक की छात्राओं को तस्करी का जरिया बना रहे हैं. पुलिस ने निगरानी बढ़ाई, जानें क्या है पूरा मामला और तस्करों का नया नेटवर्क.

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Siwan News: सीवान में शराब तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की सख्ती से बचने के लिए तस्करी का नया तरीका निकाल लिया है. अब उत्तर प्रदेश से शराब की खेप लाने के लिए इंटर और स्नातक में पढ़ने वाली छात्राओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन करीब 1,000 रुपये की आसान कमाई के लालच में कुछ छात्राएं इस अवैध धंधे में शामिल हो रही हैं, जिससे उनका भविष्य दांव पर लग गया है.

'रेड पर्स' कोड वर्ड से होती है शराब की पहचान

पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्करों ने नए-नए कोड वर्ड बनाए हैं. 13020 बाघ एक्सप्रेस के एस-3 कोच में सवार जींस-टीशर्ट पहनी एक युवती ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उत्तर प्रदेश से आने वाली शराब की खेप की पहचान के लिए "रेड पर्स" को कोड वर्ड बनाया गया है. छात्रा या महिला के पास लाल रंग का पर्स देखकर तस्करों को पहले से संकेत मिल जाता है कि शराब की खेप उसी के पास है, जिसका भुगतान पहले ही किया जा चुका होता है.

आंदर ढाला आउटर पर धीमी रफ्तार होते ही उतारी जाती है खेप

शराब तस्कर पूरी योजनाबद्ध तरीके से काम करते हैं. छात्राएं यूपी से ट्रेन में सवार होती हैं, लेकिन सीवान स्टेशन पहुंचने से पहले आंदर ढाला के समीप आउटर पर जब ट्रेन की रफ्तार धीमी होती है, तब वहां मौजूद तस्कर शराब की खेप उतार लेते हैं. इसके बाद विभिन्न वाहनों से इसे शहर व आसपास के इलाकों में सप्लाई कर दिया जाता है. इससे स्टेशन पर जीआरपी और उत्पाद विभाग की जांच से बचना आसान हो जाता है.

इन चार प्रमुख ट्रेनों से आ रही शराब

तस्कर बड़ी खेप भेजने के बजाय छात्राओं और महिलाओं के जरिए छोटी-छोटी खेप में शराब मंगा रहे हैं. इसके लिए मुख्य रूप से 15028 मौर्या एक्सप्रेस, 14674 शहीद एक्सप्रेस, 13020 बाघ एक्सप्रेस, 55102 मऊ कचहरी पैसेंजर ट्रेनों को माध्यम बनाया गया है.

पुलिस और जीआरपी का रुख

जीआरपी प्रभारी विकास कुमार आजाद ने बताया कि पुलिस और उत्पाद विभाग को इस नए नेटवर्क की सूचना मिली है. रेलवे स्टेशन, आउटर और संदिग्ध इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. मुख्य सरगनाओं को दबोचने के लिए छापेमारी और तकनीकी जांच जारी है. साथ ही पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें.

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पंकज कुमार

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By पंकज कुमार

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